उत्तराखंड: मुख्य सचिव ने दिए निर्देश: सभी जिलों में निर्बाध होगी LPG आपूर्ति, पिरुल और PNG पर रहेगा जोर

देहरादून: प्रदेश में एलपीजी गैस की किल्लत को रोकने और आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बीते कल सोमवार को सभी जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक की।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की समीक्षा बैठक

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि घरेलू और व्यावसायिक दोनों श्रेणियों में गैस की आपूर्ति मांग के अनुसार समय पर सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक क्षेत्रों को बिना किसी बाधा के गैस उपलब्ध कराई जाए। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों से नगर निकायों में शामिल हुए नए इलाकों को तेल कंपनियों के सिस्टम में जल्द अपडेट करने को कहा गया है ताकि शहरी विस्तार के कारण आपूर्ति प्रभावित न हो। साथ ही व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को पीएनजी (PNG) कनेक्शन के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा चीड़ की पत्तियों (पिरुल) से बने ब्रिकेट्स को ईंधन के विकल्प के रूप में बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए, जिससे एलपीजी पर निर्भरता कम होगी और वनाग्नि की घटनाओं पर भी लगाम लगेगी।

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​मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को एलपीजी स्टेट कोऑर्डिनेटर के साथ नियमित संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। बैठक में प्रमुख सचिव एल. फैनाई और यूकास्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत सहित शासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।