उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में अब स्कूली बच्चों के साथ आमजन भी ग्वेल देवता का न्याय और श्रीनंदा राजजात के इतिहास के साथ ही देवभूमि उत्तराखंड के ऐतिहासिक, पौराणिक व पुरातात्विक महत्व के स्थलों, मेलों व अन्य आयोजनों की जानकारी ले सकेंगे।
की जा रही यह तैयारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्कूली बच्चों के पाठ्यक्रम में नई सम्मिलित की गई ‘हमारी विरासत व विभूतियां’ पुस्तक में राज्य की लोक और सांस्कृतिक व आध्यात्मिक विरासत को लिया गया है। इन पुस्तकों को सार्वजनिक पुस्तकालयों, ग्राम पंचायत भवनों, सामुदायिक केंद्रों और पुस्तक विक्रेताओं की दुकानों पर उपलब्ध कराने की योजना है। जिसके बाद इसके लिए एससीईआरटी शासन को प्रस्ताव भेज रही है। किताबें अभी सिर्फ स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं। ये बाजार में उपलब्ध नहीं है। इसे देखते हुए एससीईआरटी इन पुस्तकों को आमजन तक पहुंचाने की दिशा में कार्य कर रही है, जिससे राज्य की गौरवगाथा से सभी लोग परिचित हो सकें।