उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और उरेडा अब समयसीमा बढ़वाने के लिए उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग पहुंच गए हैं। इसकी वजह समय से सोलर प्रोजेक्ट का निर्माण न कर पाना है।
इतनी परियोजना शामिल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आयोग ने इनकी याचिका पर आठ सितंबर तक सुझाव मांगे हैं। उत्तराखंड की तीन सौर ऊर्जा परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पाईं। इनमें 2.5 मेगावाट डाकपत्थर, 6.25 मेगावाट ढालीपुर और 9.5 मेगावाट कुल्हाल की परियोजनाएं शामिल हैं। इनकी तय वाणिज्यिक संचालन तिथि 11 फरवरी 2025 रखी गई थी लेकिन जमीन अधिग्रहण व अन्य कारणों से निर्माण शुरू होने में देरी हुई है। जिसके बाद अब अब तीसरी बार उरेडा और ये सभी निजी फर्म अपने प्रोजेक्ट की समयावधि बढ़वाने के लिए आयोग पहुंचे हैं। इससे पहले पहले भी कई सौर प्रोजेक्ट की तारीखें बढ़ाने का अनुरोध किया गया था, जिसे आयोग ने खारिज कर दिया था।
मांगे गए सुझाव
रिपोर्ट्स के मुताबिक इन सभी प्रस्तावों पर आयोग ने सभी हितधारकों, जनता से सुझाव मांगे हैं। आप आठ सितंबर तक अपने लिखित सुझाव सचिव, उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग, विद्युत नियामक भवन, आईएसबीटी के पास, देहरादून-248171 के अलावा secy.uerc@gov.in पर ई-मेल भी कर सकते हैं।