उत्तराखंड: उत्तराखंड के जंगलों में चल रही जंगली हाथियों की पांच दिवसीय गणना का कार्य शनिवार (30 मई) को संपन्न हो गया है।
हाथियों की मौजूदगी
जिसमें इस बार की गणना में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वन विभाग के इतिहास में पहली बार देहरादून जिले के कालसी के जंगलों में हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। इसके अलावा कुछ क्षेत्र ऐसे भी रहे जहां जल स्रोतों की ओर मूवमेंट के कारण इस दौरान कोई हाथी नहीं देखा जा सका। इनमें मुख्य रूप से तराई केंद्रीय वन प्रभाग की रुद्रपुर, पीपलपड़ाव, बरहैनी रेंज और हरिद्वार वन प्रभाग की खानपुर व हरिद्वार रेंज शामिल हैं। जिसमें 26 मई से शुरू हुई इस प्रत्यक्ष गणना के शुरुआती पांच दिनों के आंकड़े सामने आ चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अपर प्रमुख वन संरक्षक विवेक पांडे ने बताया कि हाथी गणना का पूरा डेटा अब भारतीय वन्य जीव संस्थान (WII), देहरादून भेजा जाएगा। वहां डेटा के विस्तृत विश्लेषण और फिल्टरिंग के बाद आगामी दो से तीन महीनों के भीतर राज्य में हाथियों की आधिकारिक संख्या सार्वजनिक की जाएगी।
• कार्बेट टाइगर रिजर्व: पांच दिनों में कुल 960 हाथी देखे गए (इसमें कालागढ़ वन प्रभाग के आंकड़े शामिल नहीं हैं)।
• तराई पश्चिमी वन प्रभाग: यहाँ 50 हाथी रिकॉर्ड किए गए।
• रामनगर वन प्रभाग: इस क्षेत्र में 18 हाथी नजर आए।