उत्तराखंड: बहुचर्चित इनामी किडनी चोर गिरफ्तार, 04 वर्ष से था फरार, अपनी आईडी बदल बदल कर विभिन्न अस्पतालों में करता था प्रैक्टिस

बहुचर्चित किडनी कांड में 04 वर्ष से
फरार चल रहे वांछित 20,000 इनामी बदमाश को देहरादून पुलिस ने असम से  गिरफ्तार कर लिया  है । अभियुक्त का नाम अक्षय राऊत है जो 2017 से फरार था । और 04 वर्षो से अपना नाम व अपनी आईडी बदल बदल कर गैर राज्यों/शहरों बेंगलुरु, पुणे,आसाम, कोयंबटूर, कोलकाता आदि जगहों पर विभिन्न अस्पतालों में प्रैक्टिस कर रहा था ।

यह था मामला

अभियुक्त डॉक्टर अक्षय राऊत द्वारा पूछताछ में बताया गया कि उसका जन्म 7 जनवरी 1982 में बांद्रा मुंबई में हुआ था, उसकी माँ का नाम सुनीता राऊत तथा पिता का नाम डॉक्टर अमित राऊत है। डॉ अमित राऊत आयुर्वेदा से डॉक्टर हैं तथा माता होम्योपैथिक डॉक्टर थी। पापा ने दूसरी शादी 1988 में पूनम नाम की महिला से की उनके दो बच्चे ईशान व मिशान है वह कनाडा में रहती है। मेरे पापा का मुंबई में सांताक्रुज में कौशल्या नर्सिंग होम के नाम से अपना क्लीनिक था, वहां पर वह ट्रांसप्लांट सर्जरी करते थे।  मेरे पिता के भाई  जीवन राऊत भी साथ में रहते थे। महाराष्ट्र में मेरे पिता व उनके भाई पर कई केस दर्ज हो गए। मैने वर्ष 2001 में एमबीबीएस की पढ़ाई KNR यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस तेलंगाना वारंगल महाराष्ट्र से की। वर्ष 2005 में मेरे पापा गुड़गांव में पूनम के साथ वहाँ किडनी ट्रांसप्लांट का केस कर वहां से भाग गए, तब  मुझे बीच में पढ़ाई छोड़नी पड़ी । मेरे पिता के साथ डॉक्टर जीवन राऊत व डॉ अमित राऊत भी किडनी ट्रांसप्लांट किया करते थे। डॉक्टर जीवन राउत का परिवार गुड़गांव में ही रहता था,  वहां भी उनकी पूरी टीम थी,  गुड़गांव सेक्टर 43/74 में उनका अपना ही हॉस्पिटल था, वहां केस करने के बाद वह नेपाल में वर्ष 2008 में पकड़ा गया था।

नेपाल में सीबीआई द्वारा डॉक्टर जीवन राउत को विदेशी करेंसी के साथ पकड़ा

नेपाल में सीबीआई द्वारा डॉक्टर जीवन राउत को विदेशी करेंसी के साथ पकड़ा था। अभियुक्त डॉक्टर अक्षय राऊत द्वारा बताया गया की उसके द्वारा वर्ष 2009 से 2012 तक मुबई में एक मेडिकल हास्पिटल में आरएमओ का जॉब किया तथा वर्ष 2017 में वह अपने पिता डॉ अमित राऊत पुत्र रामेश्वर उर्फ पुरुषोत्तम के पास देहरादून स्थित सेंचुरी गंगोत्री अस्पताल डोईवाला में आता रहता था। जहां उसके द्वारा बहुचर्चित किडनी कांड में अपने पिता अभियुक्त डॉक्टर अमित  कुमार व अन्य अभियुक्तों का साथ दिया था। घटना के बाद मेरे पिता डॉक्टर अमित राउत ने मुझे चंडीगढ़ से रुपए देकर वहां से दूर अन्यत्र स्थान पर चले जाने को कहा था,  जिससे कि पुलिस मुझे ना पकड़ सके।

4 वर्षों से कर रहा प्रैक्टिस

अभियुक्त डॉक्टर अक्षय राऊत द्वारा बताया गया की वह पिछले 04 वर्षो से अपना नाम व अपनी आईडी बदल बदल कर गैर राज्यों/शहरों बेंगलुरु, पुणे,आसाम, कोयंबटूर, कोलकाता आदि जगहों पर विभिन्न अस्पतालों में प्रैक्टिस कर रहा था। वर्तमान समय में वह Pristyn Cair Center प्रेस्टाइन केयर सेंटर गुवाहाटी में पाइल्स के रोगों की प्रैक्टिस कर रहा था। डॉक्टर अक्षय राऊत की पहली मां का नाम सुनीता द्वितीय माता का नाम पूनम व तृतीय माता का नाम बुलबुल कटारिया है। अभियुक्त डॉक्टर अक्षय राऊत द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा सेंचुरी गंगोत्री अस्पताल डोईवाला में कई लोगों के गैर कानूनी ढंग से अंग प्रत्यारोपण कर लाखों रुपए कमाए गए,  जिसमें उसने अपने पिता डॉ0 अमित राउत व अन्य गिरफ्तार 16 अभियुक्तों का पूरा साथ दिया था।