उत्तराखंड: पलायन रोकने और रोजगार देने पर सरकार का जोर, बोले सीएम- नौकरी ढूंढने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनेंगे; राज्य में रुकेगा पलायन

उत्तराखंड: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित ‘युवा संकल्प दिवस’ कार्यक्रम में युवाओं के भविष्य, रोजगार और कौशल विकास को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया।

सरकार उठा रही यह कदम

जिसमें उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार ऐसे ठोस कदम उठा रही है जिससे युवाओं को अपने सपने पूरे करने के लिए मजबूरी में अपना गांव, घर और राज्य न छोड़ना पड़े। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि हमारे युवा भविष्य में केवल नौकरी खोजने वाले न बनें, बल्कि नौकरी देने वाले बनें।” साथ ही पर्यटन, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों के जरिए स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैदानी इलाकों के साथ-साथ अब पहाड़ी क्षेत्रों में भी उद्योगों का विस्तार किया जा रहा है। इसके तहत पौड़ी, चमोली और अल्मोड़ा जैसे पर्वतीय जिलों में विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया गया है।
​युवाओं को नीति-निर्माण का सक्रिय भागीदार बनाने के उद्देश्य से ‘युवा आयोग’ के गठन की बात भी दोहराई गई। यह आयोग युवाओं के अधिकारों की रक्षा, कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार के साथ-साथ उन्हें डिजिटली सशक्त बनाने का काम करेगा।

भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाया

राज्य में लागू 2023 के कड़े नकल-रोधी कानून का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है ताकि किसी युवा की मेहनत पर पानी न फिरे। उन्होंने कहा कि नौकरी केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि परिवार की उम्मीदों का प्रतीक है।‌ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुख्यमंत्री ने ‘युवा भविष्य निर्माण योजना’ की घोषणा की। इस योजना के तहत युवाओं को बड़े शहरों में किराए पर कमरा लेने या महंगी कोचिंग में जाने की जरूरत नहीं होगी; उन्हें उनके गांव और शहर में ही गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।