उत्तराखंड: हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव के डबल वोटर पर की सख्त टिप्पणी, कहा- नियम विरुद्ध चुनाव जीतने वालों का कार्यकाल होगा रद्द

उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में आज गुरूवार को जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख के चुनाव होने हैं। इसी बीच एक खबर सामने आई है।

हाईकोर्ट का आदेश

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तराखंड हाईकोर्ट में बीडीसी चुनाव में पराजित प्रत्याशियों द्वारा दायर अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई की गई। इन याचिकाओं की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ में हुई। जिस पर हाईकोर्ट ने इन मामलों को चुनाव याचिका के रूप में प्रस्तुत करने को कहा है। इसके साथ ही कहा कि इन चुनाव याचिकाओं का 6 माह के भीतर निस्तारण किया जाए। ऐसे में जो प्रत्याशी नियमों, शर्तों के अनुसार जीता है, वह कार्यकाल पूरा करेगा। लेकिन जो नियमों के विरुद्ध जीता है। उसका कार्यकाल निर्णय आने के बाद रद्द होगा। हाईकोर्ट ने किसी भी याचिका में अंतरिम आदेश नहीं दिया है।

दायर की थी याचिका

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस संबंध में पौढ़ी गढ़वाल निवासी दीक्षा नेगी, टिहरी निवासी नीरू चौधरी और उत्तरकाशी निवासी उषा ने याचिका दायर की। जिसमें कहा कि वे बीडीसी सदस्य का चुनाव हारे हैं और उनके खिलाफ जो प्रत्याशी जीते हैं, उनके दो जगह की मतदाता सूची में नाम थे। इसलिए उनका निर्वाचन रद्द किया जाए और उन्हें 14 अगस्त को ब्लॉक प्रमुख, ज्येष्ठ प्रमुख और कनिष्ठ प्रमुख के चुनाव में मतदान करने से रोका जाए। इसके अलावा वर्षा राणा, गंगा नेगी, कनिका, त्रिलोक बिष्ट ने कहा कि वे चुनाव जीते हैं. लेकिन उनके खिलाफ लड़ रहे प्रत्याशी दूसरे क्षेत्र से चुनाव जीते हैं। जिनके दो मतदाता सूची में नाम थे‌। इसलिए उनका निर्वाचन रद्द किया जाए और उन्हें भी 14 अगस्त को होने वाले ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में मतदान करने से रोका जाए।