उत्तराखंड: वन्यजीव हमलों के पीड़ितों के लिए जरूरी खबर, अब आयुष्मान इलाज के साथ मिलेगा वन विभाग का मुआवजा

उत्तराखंड: उत्तराखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं एक बड़ा चिंता का विषय है। इसी के बीच राज्य सरकार ने पीड़ितों के लिए एक जरूरी निर्णय लिया है।

नई नियमावली (2025) लागू

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस संबंध में वन विभाग ने नई नियमावली (2025) लागू कर दी है। जिसके तहत अब वन्यजीव हमलों में घायल होने वाले व्यक्तियों को आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त इलाज तो मिलेगा ही, साथ ही वन विभाग से भी मुआवजा मिलेगा। पहले के नियमों के अनुसार, यदि कोई पीड़ित आयुष्मान योजना का लाभ उठाकर इलाज कराता था, तो उसे विभाग की ओर से आर्थिक मुआवजा नहीं दिया जाता था। लेकिन नए संशोधन के बाद अब इस बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है। अब पीड़ित मुफ्त उपचार और नकद मुआवजा, दोनों का लाभ एक साथ उठा सकेंगे।

मिलेगी इतनी राहत

​नई व्यवस्था के तहत बाघ, गुलदार या भालू जैसे वन्यजीवों के हमले पर सहायता राशि इस प्रकार तय की गई है।
• ​घायल होने पर: आयुष्मान योजना से मुफ्त इलाज + मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर 15 हजार से 1 लाख रुपये तक का अतिरिक्त विभागीय मुआवजा।
• ​मृत्यु होने पर: मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता।