उत्तराखंड: उत्तराखंड में सड़क यातायात से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई पर आज 15 अगस्त से बड़ा बदलाव होने जा रहा है।
हुए यह बदलाव
जी हां ‘जन विश्वास अधिनियम’ के तहत मोटर यान अधिनियम में संशोधन करते हुए कई मामलों में पहली बार नियम तोड़ने पर सीधे दंड की जगह चेतावनी देने और दोबारा उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वाहन चलाने से जुड़े सामान्य नियमों के तहत पहली बार गलती करने पर केवल चेतावनी दी जाएगी, जबकि दोबारा या उसके बाद उल्लंघन करने पर 500 से 1500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। इसके अलावा अनावश्यक हॉर्न बजाने या प्रतिबंधित क्षेत्र में हॉर्न का उपयोग करने पर पहली बार चेतावनी और दोबारा उल्लंघन पर 1000 से 2000 रुपये तक का जुर्माना होगा। वाहन का बीमा नहीं होने पर पहली बार तीन गुना बीमा आधार प्रीमियम या 5000 रुपये (जो भी अधिक हो) और दोबारा पकड़े जाने पर पांच गुना आधार प्रीमियम या 10 हजार रुपये (जो अधिक हो) का जुर्माना लगाया जाएगा। बिना परमिट के व्यावसायिक वाहन चलाते पकड़े जाने पर पहली बार 10 हजार रुपये और इसके बाद के उल्लंघनों पर 20 हजार रुपये तक का जुर्माना वसूला जाएगा। इसके अलावा, सड़क की खामियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं के लिए संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही भी तय की गई है।
प्रदूषण पर सख्ती
वाहन में खतरनाक खराबी होने पर भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। ऐसा वाहन चलाने पर 5000 रुपये तक का जुर्माना और यदि इससे कोई दुर्घटना या संपत्ति को नुकसान होता है, तो छह माह तक का कारावास व जुर्माने की सजा मिल सकती है। सड़क सुरक्षा या वायु प्रदूषण के मानकों का उल्लंघन करने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना और तीन महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस अयोग्य घोषित करने का प्रावधान किया गया है।