उत्तराखंड में वर्ष 2023-24 के लिए सरकार ने आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है। नई नीति के तहत अब से प्रदेश में बिकने वाली रेगुलर ब्रांड की शराब की कीमतों में उत्तर प्रदेश के मुकाबले प्रति बोतल 20 रुपये से ज्यादा का अंतर नहीं होगा। जबकि पहले ये अंतर बहुत ज्यादा था।
शराब की तस्करी की रोकथाम के लिए लिया निर्णय
सीएम धामी की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में वर्ष 2023-24 के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी मिल गई है।नई नीति के तहत प्रदेश में बिकने वाली रेगुलर ब्रांड की शराब की कीमतों में उत्तर प्रदेश के मुकाबले प्रति बोतल 20 रुपये से ज्यादा का अंतर नहीं होगा। पहले कीमतों में यह अंतर प्रति बोतल 150 से 200 रुपये का था, जिसकी वजह से यूपी बॉर्डर से भारी मात्रा में शराब की तस्करी होती थी। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश से हो रही शराब की तस्करी की रोकथाम के लिए इस अंतर को कम करने का निर्णय लिया गया है।
एमआरपी से अधिक दाम पर शराब बेचने या शिकायत मिलने पर दुकानों पर सस्पेंशन की कार्यवाही
नीति के तहत प्रदेश में गोवंश संरक्षण, खेलकूद एवं महिला कल्याण के लिए एक-एक रुपए प्रति बोतल सेस के रूप में लेने का निर्णय लिया है। इस तरह से एक बोतल पर कुल 3 रुपये सेस लिया जाएगा। अंग्रेजी शराब पर दस फीसदी और देशी शराब पर 15 फीसदी का इजाफा कर ठेका संचालन किया जा सकेगा। मौजूदा समय में संचालित हो रहे शराब ठेका स्वामी अगले एक वर्ष के लिए ठेके का संचालन इच्छानुसार कर सकेंगे जबकि जो दुकानें नहीं उठेंगी उन पर लॉटरी निकाली जाएगी। वहीं यह भी निर्णय लिया गया है कि एमआरपी से अधिक दाम पर शराब बेचने या शिकायत मिलने पर दुकानों की सस्पेंशन की कार्यवाही की जाएगी।
एक अप्रैल से सस्ती होगी शराब
नई आबकारी नीति के तहत अब राज्य में आगामी 1 अप्रैल से शराब के दाम सस्ते हो जाएंगे।वहीं राज्य में 1 अप्रैल से ही पानी के लिए लोगों को अपनी और अधिक जेब ढीली करनी होगी। राज्य में यह बढ़ोतरी 10 प्रतिशत तक हो सकती है।