उत्तराखंड: श्रद्धा और उल्लास के साथ निकली भगवान जगन्नाथ की 29वीं रथयात्रा, ‘जय जगन्नाथ’ और ‘हरि बोल’ के जयघोष से गुंजायमान हुई दून घाटी

उत्तराखंड: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में गुरुवार को ओडिशा के पुरी की तर्ज पर भगवान जगन्नाथ की 29वीं भव्य ‘श्रीश्री जगन्नाथ गुंडिचा रथयात्रा’ का आयोजन किया गया।

रथयात्रा का आयोजन

जिसमें नवयौवन स्वरूप में भक्तों को दर्शन देने के बाद जब भगवान जगन्नाथ अपने परिवार के साथ नगर भ्रमण पर निकले, तो पूरी दून घाटी ‘जय जगन्नाथ’ और ‘हरि बोल’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक श्रीराम मंदिर समिति और श्रीश्री जगन्नाथ गुंडिचा रथयात्रा आयोजन समिति के तत्वावधान में दीपलोक कॉलोनी स्थित श्रीराम मंदिर से दोपहर 12 बजे बैंड-बाजे के साथ यात्रा का शुभारंभ हुआ। यात्रा शुरू होने से पहले मंदिर प्रांगण में ‘हरेला’ पर्व के तहत भक्तों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधे वितरित किए गए। इसके बाद मुख्य पुरोहित पंडित डॉ. सुबास चंद्र शतपथी ने पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न कराई। भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा, भाई बलभद्र और सुदर्शन जी रंग-बिरंगी लड़ियों व पुष्पमालाओं से सजे 21 फीट ऊंचे भव्य नंदीघोष रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले। रथ को खींचने और पुण्य का भागीदार बनने के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह नजर आया।

उमड़ा जनसैलाब

भगवान के दर्शनों के लिए सड़कों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। रथयात्रा का पहला पड़ाव किशन नगर चौक स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर (भगवान जगन्नाथ की मौसी का घर) रहा, जहां भक्तों ने भगवान का भव्य स्वागत किया। इसके बाद रथयात्रा कनाट पैलेस, चकराता रोड, पलटन बाजार, श्री रामलीला बाजार और प्राचीन शाकुंभरी देवी मंदिर चौक से होते हुए बिंदाल चौक पहुंची, जहां से यह वापस मुख्य मंदिर लौटी। ​यात्रा के समापन पर मंदिर में मां लक्ष्मी के साथ भगवान जगन्नाथ का भावपूर्ण और उल्लासपूर्ण मिलन कराया गया। पंडित डॉ. सुबास चंद्र शतपथी के सानिध्य में शाम को महाआरती का आयोजन हुआ, जिसके बाद देर रात तक चले भव्य भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।