उत्तराखंड: उत्तराखंड के देहरादून में सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज गुरूवार को कैबिनेट बैठक आयोजित हुई। जिसमें राज्य के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगी है।
कैबिनेट बैठक
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में उपनल कर्मचारियों के वेतन से लेकर राज्य को पूर्ण साक्षर घोषित करने तक के महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट बैठक के मुख्य फैसले
📌📌उपनल कर्मियों के ‘समान कार्य-समान वेतन’ पर बड़ा निर्णय
उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का सम्मान करते हुए सरकार ने उपनल (UPNL) के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों के लिए समान कार्य-समान वेतन की पात्रता की कट-ऑफ तिथि में संशोधन कर दिया है। पहले यह तिथि 12 नवंबर 2018 तय की गई थी, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट के 15 अक्टूबर 2024 के आदेश के अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा। इससे हजारों उपनल कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
📌📌 उत्तराखंड बनेगा देश का ‘पूर्ण साक्षर राज्य’
शिक्षा के क्षेत्र में राज्य ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत तय किए गए साक्षरता के सभी मानकों को पूरा करने के बाद, कैबिनेट ने उत्तराखंड को ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ घोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
📌📌कारागार प्रशासन में सुधार: पहली बार बनी ‘कारापाल सेवा नियमावली’
जेल प्रशासन को और अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए कैबिनेट ने दो बड़े फैसले लिए:
• उत्तराखंड कारागार (संशोधन) नियमावली 2026: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत अभ्यस्त अपराधियों (Habitual Offenders) की परिभाषा और नियमों में बदलाव किया गया है।
• कारापाल सेवा नियमावली 2026: राज्य गठन के बाद पहली बार कारापाल (Jailor) पदों पर नियुक्ति और प्रमोशन को व्यवस्थित करने के लिए एक अलग नियमावली को मंजूरी दी गई है।
📌📌 गोल्डन कार्ड योजना: अस्पतालों के बकाया बिलों का होगा भुगतान
राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजना (गोल्डन कार्ड) के तहत इलाज करने वाले विभिन्न अस्पतालों के लंबे समय से रुके हुए बिलों का भुगतान अब जल्द होगा। कैबिनेट ने इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को विशेष वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया है, जिससे आम जनता को कैशलेस इलाज मिलने में कोई रुकावट न आए।
📌📌 संस्कृत शिक्षा व्यवस्था का कायाकल्प
उत्तराखंड में संस्कृत भाषा और विद्यालयों को बढ़ावा देने के लिए ‘उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा (संशोधन) विनियमावली 2026’ को मंजूरी दी गई है। इसके तहत अब संस्कृत विद्यालयों की मान्यता, उनके पाठ्यक्रम (Syllabus) और परीक्षाओं के आयोजन को आधुनिक और प्रशासनिक जरूरतों के हिसाब से बदला जाएगा।
📌📌 किशाऊ बांध परियोजना पर केंद्र का जताया आभार
सालों से लटकी किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना पर संबंधित राज्यों के बीच सहमति बनने पर उत्तराखंड कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से राज्य में जल और बिजली संकट दूर होगा और विकास को रफ्तार मिलेगी।