उत्तराखंड: प्रदेश में प्रैक्टिस करने वाले दूसरे राज्यों के डॉक्टरों के लिए बड़ी राहत, अब इस प्रमाण पत्र की अनिवार्यता समाप्त

​उत्तराखंड: उत्तराखंड में चिकित्सा सेवाएं देने के इच्छुक अन्य राज्यों के पंजीकृत डॉक्टरों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल ने राज्य में पंजीकरण के लिए ‘अनापत्ति प्रमाणपत्र’ (NOC) की अनिवार्यता को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है।

यह अनिवार्यता समाप्त

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके तहत अब पात्र चिकित्सकों के आवेदनों पर केवल स्व-घोषणा के आधार पर विचार किया जाएगा। उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार, उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल अधिनियम, 2002 और नियमावली, 2004 के प्रावधानों के तहत दूसरे राज्य की मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत चिकित्सकों से एनओसी मांगना अनिवार्य नहीं है। अब भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम, 1956 की प्रथम, द्वितीय या तृतीय अनुसूची में शामिल मान्यता प्राप्त चिकित्सा योग्यता रखने वाले और देश की किसी भी राज्य मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत डॉक्टर उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
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पंजीकरण प्रक्रिया आसान

इस नई व्यवस्था के लागू होने से दूसरे राज्यों के डॉक्टरों को एनओसी हासिल करने के लिए लंबी और जटिल प्रक्रियाओं से नहीं जूझना पड़ेगा। ऑनलाइन आवेदन के दौरान डॉक्टर द्वारा दी गई स्व-घोषणा के आधार पर ही पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।