उत्तराखंड ब्रेकिंग: उत्तराखंड सरकार को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, चमोली जिपं अध्यक्ष रजनी भंडारी की बर्खास्तगी पर लगाई रोक, दिए यह आदेश

उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड के चमोली की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है।

हाईकोर्ट ने जिपं अध्यक्ष को दी बड़ी राहत

इसके साथ ही उत्तराखंड सरकार को बड़ा झटका लगा है। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने धामी सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही हाईकोर्ट ने रजनी भंडारी को जिला पंचायत चमोली के अध्यक्ष पद पर बने रहने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट के वेकेशन जज न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ ने चमोली जनपद की बर्खास्त जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी की बर्खास्तगी के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी बर्खास्तगी आदेश को निरस्त करते हुए उन्हें बहाल कर दिया है। साथ ही उच्च न्यायालय ने सरकार से पंचायती राज नियमावली का ठीक से पालन करने की नसीहत भी दी है। ये जानकारी रजनी भंडारी के पति और बदरीनाथ विधायक राजेंद्र भंडारी ने दी है।

जानें क्या था मामला

दरअसल कुछ दिनों पहले चमोली जिले में नंदा देवी राजजात यात्रा के कार्यों में हुई गड़बड़ी के आरोप में सरकार ने जिला पंचायत अध्यक्ष चमोली रजनी भण्डारी को हटा दिया था । इसके लिए अपर सचिव ओंमकार सिंह ने इसके विधिवत आदेश जारी किए थे। चमोली जिले में वर्ष 2012-13 में पर्यटन विभाग से आवंटित बजट से नंदा राजजात यात्रा का संचालन हुआ था। इस दौरान करीब 64 योजनाओं में गड़बड़ी के आरोप लगे थे। इस मामले की जांच शासन द्वारा कराई गई थी।जिसके बाद जांच में बड़ी गड़बड़ी की पुष्टि हुई थी। इस पर शासन ने जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी को पद से हटाया था। रजनी भंडारी के हटते ही जिला पंचायत अध्यक्ष की जिम्मेदारी जिला पंचायत उपाध्यक्ष के लक्ष्मण रावत को दे दी गई थी। जिसके बाद रजनी भंडारी ने खुद को चमोली जिला पंचायत अध्यक्ष के पद से हटाए जाने को उत्तराखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। जिस पर कल 31 जनवरी और आज एक फरवरी को उत्तराखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई थी।