उत्तराखंड के नैनीताल जिले से करीब 65 किमी दूर कैंची धाम श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। कैंची धाम के नीब करौरी बाबा की ख्याति विश्व भर में हैं। मान्यता है कि यहां आने वाला व्यक्ति कभी भी खाली हाथ वापस नहीं लौटता। यही वजह है कि देश – विदेश से लाखों श्रद्धालु कैंची धाम पहुंचते हैं। आज कैंची धाम का 58वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया जा रहा है।
6 बजे आरती भोग के बाद प्रसाद वितरण शुरू-
एतिहासिक नीब करौली महाराज के स्थापना दिवस पर बुधवार को दो साल बाद भक्तों का ताता लग गया। सुबह 7 बजे तक 25 हजार से अधिक श्रद्धालु मंदिर दर्शन करने पहुँचे। वहीं रात 12 बजे बाद धीरे धीरे भक्त मंदिर के बाहर लाइन लगाकर खड़े होने लगे। सुबह 3 बजे तक 1 किमी लंबी लाइन लग गई। सुबह 6 बजे बाबा को भोग लगाकर मालपुए का प्रसाद वितरण शुरू किया गया।
पुलिस अलर्ट मोड पर-
धाम के आस पास वाहनों की आवाजाही बन्द रही। भीमताल से कैंची धाम खैरना से कैंची धाम तक सड़को के किनारे भक्त स्टाल लगाकर श्रद्धालुओं को शरबत प्रसाद की सेवा देते रहे। वही पुलिस कंट्रोल रूम लगातार भक्तो को दर्शन करने को दिशा निर्देश देता रहा। पुलिस अराजकतत्वों पर नजर बनाती रही। हर साल 15 जून को कैंची धाम में एक विशाल मेले व भंडारे का आयोजन होता है। इसे कैंची धाम स्थापना दिवस के रुप में मनाया जाता है।