उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। साइबर ठगों का गिरोह बढ़ता जा रहा है। जो लोगों को अलग अलग तरीकों से ठग रहे हैं। ऐसा ही एक मामला उत्तराखंड के देहरादून से सामने आया है।
जानें पूरा मामला-
जानकारी के अनुसार यहां एक पायलट के साथ ठगी का मामला सामने आया है। जौलीग्रांट स्थित देहरादून एयरपोर्ट पर पवनहंस के पायलट कैप्टन मसूद हसन खां ने बताया कि उनके भाई मशरूफ खां राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर हैं। मशरूफ खां ने फॉरेस्ट लवाना आवासीय कॉलोनी में फ्लैट बुक किया था। साल 2014 में उन्होंने 6 लाख 60 हजार रुपये जीटीएम बिल्डर्स के खाते में जमा कराए थे। बाद में बाद फ्लैट को कैप्टन मसूद हसन ने अपने भाई मशरूफ से खुद के नाम करवा लिया। इसके बाद वो बिल्डर नितिन कपूर से मिले तो उन्होंने बताया कि फ्लैट का काफी निर्माण कार्य हो चुका है। इसलिए बाकी पैसा जमा करने की बात कही और कहा कि फ्लैट जल्द हैंडओवर कर दिया जाएगा। बाद में मसूद हसन निर्माण कार्य स्थल पर निरीक्षण करने पहुंचे तो पता चला कि वहां कोई निर्माण ही नहीं हुआ है। बिल्डर ने उन्हें साल 2015 में फ्लैट देने की बात कही थी, लेकिन साल 2016 तक भी फ्लैट बनकर तैयार नहीं हुआ। उसके बाद मसूद हसन द्वारा रकम वापस मांगी जानी लगी तो 7 जुलाई 2017 को पैसे वापस किए बिना ही आवंटन रद्द कर दिया गया।
मुकदमा दर्ज-
जिस पर पवन हंस के पायलट ने जीटीएम बिल्डर्स के निदेशक सहित अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।