उत्तराखंड: उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) के क्रियान्वयन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए वक्फ बोर्ड ने निकाहनामा का नया प्रारूप (Draft) तैयार किया है।
यह होगा अनिवार्य
जिसमें इन नए नियमों के तहत अब मुस्लिम समुदाय में निकाह से पहले दूल्हा और दुल्हन दोनों के लिए आधार कार्ड देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही विवाह के दौरान एक विशेष शपथ पत्र भी जमा कराना होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स के अनुसार, इस नए निकाहनामे को तैयार करने से पहले मुस्लिम उलेमाओं और समाज के गणमान्य लोगों से सुझाव लिए गए हैं। इस प्रारूप को 9 सितंबर को UCC ड्राफ्ट कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। कमेटी में शत्रुघ्न सिंह, सुलेखा दंगवाल और मनु गौर जैसे सदस्य शामिल हैं। कमेटी की मंजूरी मिलते ही इसे ऑनलाइन UCC पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा, जिससे दंपतियों को मैरिज सर्टिफिकेट (विवाह प्रमाण पत्र) हासिल करने में भी आसानी होगी।
नए निकाहनामे की मुख्य बातें
• केवल एक निकाह की अनुमति: नए प्रारूप में बहुविवाह (दूसरी, तीसरी या चौथी शादी) के प्रावधान हटा दिए गए हैं। निकाहनामे में केवल एक निकाह का कॉलम होगा।
• हलाला और तीन तलाक पर रोक: तीन तलाक और हलाला जैसी कुप्रथाओं पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। निकाहनामे में इनके उल्लंघन पर होने वाली कानूनी कार्रवाई का स्पष्ट उल्लेख होगा।
• संपत्ति में बराबरी का हक: बेटियों को संपत्ति में बराबर का हक देने से जुड़े प्रावधानों को लेकर जागरूकता शामिल की गई है।
• अधिकृत मौलाना ही पढ़ाएंगे निकाह: केवल उत्तराखंड वक्फ बोर्ड की मस्जिद कमेटियों द्वारा अधिकृत मौलाना ही निकाह संपन्न करा सकेंगे।
• उम्र का सत्यापन: आधार कार्ड अनिवार्य होने से बाल विवाह पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।