हिन्दू धर्म की मान्यताओं में माता पिता को देवता के समान पूजनीय माना गया हैं । एक सन्तान के लिए मां बाप ईश्वर का स्वरूप होते हैं।मगर आज के समय में वृद्ध माँ बाप की हो रही दुर्दशा देखकर यही कहा जा सकता हैं, कि अधिकतर बच्चें अपने माता पिता के प्रति कर्तव्यों से विमुख होते जा रहे हैं । हमें यह समझना चाहिए संसार में हमें जो भी मिल रहा है वह माँ बाप की बदौलत ही हैं । ऐसे लोगों के लिए गाजियाबाद का विकास गहलोत एक प्रेरणा बनकर सामने आये हैं। लाखों कांवड़ियों के बीच गाजियाबाद करीमपुर का 24 वर्षीय विकास गहलोत की आज हर जगह चर्चा हो रही है । यहां तक कि उन्हें कलयुग का श्रवण कुमार कहा जा रहा है ।
मां बाप ही भगवान है
लाखों कांवड़ियों के बीच गाजियाबाद करीमपुर का 24 वर्षीय विकास गहलोत सावन में माता-पिता को स्नान करवाने पालकी से हरिद्वार लेकर पहुंचा। कंधों पर पालकी लिए विकास ने एक जगह मां तो दूसरी ओर पिता को बैठाया हैं। श्रवण कुमार बनकर विकास माता-पिता को पैदल ही गाजियाबाद अपने गंतव्य स्थान तक लेकर जाएगा। पालकी में उसने बांस की जगह मजबूत लोहे की पालकी को चुना है । उसके पास 20 लीटर गंगाजल का कैन भी है। इसके अलावा बीच बीच में सहारा देने के लिए उसके साथ अन्य दो साथी भी है। और विकास ने अपने मां बाप के आंखों में भगुवा रंग की पट्टी बांध रखी है । जब इस बाबत विकास से बात की गई तो उसने बताया कि उसे होने वाला दर्द उसके मां बाप ना देख सके और भावुक न हो जाए इसलिए उसने आंखों पर पट्टी बांधी है। उसका कहना है की उसके मां बाप ही उसके लिए भगवान है।