आज 26 मई 2026 है। आज चौथा बूढ़वा मंगल है। साल 2026 का चौथा ‘बुढ़वा मंगल’ आज 26 मई को मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में ‘बुढ़वा मंगल’ का बहुत महत्व है। जेष्ठ माह आने वाले मंगलवार का खास महत्व होता है। इसे बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल भी कहा जाता है। इस साल 2026 में पूरे 08 बड़े मंगल पड़ रहें हैं, जिनमें हनुमान जी के वृद्ध स्वरूप की आराधना करने का विधान है।
ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले हर मंगलवार को बड़ा मंगल
मान्यता के अनुसार हनुमान जी राम जी से पहली बार जेष्ठ महीने के पहले मंगलवार को मिले थे। यही वजह है कि इस महीने के चारों मंगलवारों को बड़े मंगलवार कहा जाता है। ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले हर मंगलवार को बड़ा मंगल और बुढ़वा मंगल के नाम से जाना जाता है। इस वर्ष चौथा मंगल आज 26 मई को है। हिंदू पंचांग के अनुसार
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 46 मिनट तक
अमृत काल- रात 11 बजकर 29 मिनट से 01 बजकर 13 मिनट तक
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04 बजकर 03 मिनट से 04 बजकर 43 मिनट तक
विजय मुहूर्त- दोपहर 02 बजकर 36 मिनट से 03 बजकर 31 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त- शाम 07 बजकर 10 मिनट से 07 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।
जानें पौराणिक कथा
पौराणिक कथाओं के अनुसार बताया है कि ज्येष्ठ माह के मंगलवार के दिन ही हनुमान जी अपने प्रभु श्री राम जी से मिले थे। जब वह पहली बार मिले थे, तो उनके बारे में जानने के लिए उन्होंने एक बढ़े ऋषि का रूप धरा था। इसी के कारण इसे बुढ़वा मंगल कहा जाता है।
दूसरी कथा के अनुसार, महाभारत काल में भीम अपनी शक्ति के लिए जाने जाते थे। इसी के कारण उन्हें अपनी शक्ति पर काफी घमंड था। ऐसे में हनुमान जी ने उन्हें सबक सिखाने के लिए एक बूढ़े बंदर का भेष धारण किया और भीम का घमंड चूर कर दिया था।
हनुमान जी की करें उपासना
धार्मिक मान्यता है कि बजरंगबली की उपासना करने से जातक के सभी दुख-दर्द दूर होते हैं और हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है। माना जाता है कि इस दिन घर कुछ विशेष चीजों को लाने से हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है और सभी परेशानियों से छुटकारा मिलता है। इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ जरूर करना चाहिए।
जानें पूजन विधि
आज बड़े मंगल के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहनने चाहिए। फिर हनुमान जी की मूर्ति को साफ करने के बाद तिलक आदि लगाएं और पूजा करें। यदि आप इस दिन व्रत कर रहे हैं, तो हनुमान जी की मूर्ति के आगे घी का दीपक जलाएं और व्रत का संकल्प लें। इसके पश्चात हनुमान जी को सिंदूर, पुष्प, तिलक और धूप-दीप दें। हनुमान जी को बूंदी के लड्डू बहुत प्रिय हैं इसलिए आज के दिन आप उन्हें इनका भोग जरूर लगाएं। इसके बाद हनुमान जी की आरती करें और हनुमान चालीसा का पाठ जरूर करें। लाल रंग हनुमान जी का प्रिय है इसलिए इस दिन लाल रंग के वस्त्र और चीजों का दान करना चाहिए।