उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए परिवहन विभाग अब सख्त रुख अपनाने जा रहा है। कुल हादसों में से एक तिहाई का कारण ‘ओवरस्पीडिंग’ पाए जाने के बाद, विभाग अब नई मानक प्रचालन कार्यविधि (SOP) तैयार कर रहा है।
विभाग की नई कार्ययोजना
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तेज रफ्तार वाहनों को सीधे सीज करने और लाइसेंस निरस्त करने के नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा। सीज वाहनों को खड़ा करने के लिए नए ‘स्पॉट’ चिह्नित किए जा रहे हैं। शहरी क्षेत्रों में 23 नए APNR कैमरे लगाए जाएंगे। विशेषकर देहरादून के राजपुर से दिलाराम चौक और आशारोड़ी से ISBT मार्ग पर कैमरों के जरिए ओवरस्पीडिंग और गलत ओवरटेकिंग पर नजर रखी जाएगी। सड़कों पर वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए रंबल स्ट्रिप लगाए जाएंगे और शहरों में गति सीमा नए सिरे से तय होगी। रात के समय होने वाले हादसों को रोकने के लिए प्रवर्तन टीमें अब रात में भी सघन चेकिंग अभियान चलाएंगी। इस संबंध में शैलेश तिवारी, उप परिवहन आयुक्त ने बताया कि तेज रफ्तार हादसों का सबसे बड़ा कारण है। इसे नियंत्रित करने के लिए जल्द ही SOP लागू की जाएगी।