उत्तराखंड: राजकीय शिक्षक संघ का अल्टीमेटम, एलटी शिक्षकों पर TET-II की बाध्यता के खिलाफ भड़का आक्रोश, मांग न मानी तो 5 सितंबर को होगा बड़ा आंदोलन

हल्द्वानी/उत्तराखंड: उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा विभाग में एलटी संवर्ग के शिक्षकों पर TET-II की अनिवार्यता थोपे जाने के खिलाफ राजकीय शिक्षक संघ कुमाऊं मंडल ने मोर्चा खोल दिया है।

दी चेतावनी

जिस पर संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार और विभाग ने इस निर्णय को वापस नहीं लिया, तो आगामी 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) पर समस्त शिक्षक समाज सड़कों पर उतरकर व्यापक विरोध प्रदर्शन करेगा। संघ की कुमाऊं मंडल कार्यकारिणी ने समस्त जिला और ब्लॉक कार्यकारिणी को निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार को विरोध पत्र भेजे जाएंगे।

कही यह बात

राजकीय शिक्षक संघ की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2014 की एलटी सेवा नियमावली से पूर्व चयनित एवं नियुक्त शिक्षकों ने अपनी भर्ती के समय सभी निर्धारित शैक्षिक व विधिक अर्हताएँ पूरी की थीं। वर्षों की निष्ठावान सेवा के बाद अब उन पर TET जैसी नई शर्त थोपना पूरी तरह से अनुचित है।
​जूनियर कक्षाओं के बजाय मूल संवर्ग में शिक्षण की मांग
संघ ने तर्क दिया कि TET-II की अनिवार्यता मुख्य रूप से कक्षा 6 से 8 (जूनियर) तक अध्यापन कराने वाले शिक्षकों के लिए होती है, जबकि एलटी शिक्षकों का मूल दायित्व कक्षा 9 और 10 (माध्यमिक) में शिक्षण कार्य कराना है। ऐसे में शिक्षकों को अनावश्यक रूप से जूनियर कक्षाओं में पढ़ाने के लिए बाध्य करने के बजाय उनके मूल पद के अनुरूप माध्यमिक कक्षाओं में ही शिक्षण कार्य कराया जाना चाहिए।

रखीं यह प्रमुख मांगें

• ​वर्ष 2014 से पहले नियुक्त सभी सेवारत एलटी शिक्षकों को TET-II से पूर्णतः मुक्त किया जाए।
• ​एलटी शिक्षकों के पद एवं कार्यदायित्व में अनावश्यक फेरबदल बंद किया जाए।
• ​प्रशासनिक असमंजस समाप्त कर शिक्षकों को मानसिक तनाव से राहत दी जाए।

रहें उपस्थित

​बैठक में मंडलीय अध्यक्ष डॉ. रविशंकर गुसाईं, मंडलीय मंत्री भारतेंदु जोशी, मंडल उपाध्यक्ष हर्षदीप सिंह, उपाध्यक्षा डॉ. प्रीति मजगाई, संयुक्त मंत्री कपिल पांडे, महिला संयुक्त मंत्री बबीता सिंह, संगठन मंत्री नीरज सचान, आय-व्यय निरीक्षक चंदन रावत तथा कोषाध्यक्ष जनार्दन तेवारी सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।