उत्तराखंड: उत्तराखंड के देहरादून में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विभागीय कामकाज में लापरवाही बरतने पर सख्त रुख अपनाया है। विधानसभा स्थित सभागार में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि एसआईआर (SIR) में व्यस्त होने के नाम पर विभागीय कार्यों को नजरअंदाज करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दिए यह निर्देश
जिस पर मंत्री ने आदेश दिए हैं कि प्रत्येक आंगनबाड़ी कार्यकत्री बीएलओ के कार्यों के अतिरिक्त हर दिन कम से कम एक घंटा अपने केंद्र पर विभागीय कामकाज (जैसे डेटा फीडिंग) के लिए अनिवार्य रूप से देंगी। इस संबंध में विभागीय सचिव को सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग में रिक्त चल रहे पदों को भरने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मंत्री ने बताया कि अगस्त माह के अंत तक आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के 438 और सहायिकाओं के 2773 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, जिससे प्रदेश में ये पद शत-प्रतिशत भर जाएंगे। बच्चों के आधार कार्ड और अपार आईडी बनाने की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए मंत्री ने जुलाई के अंत तक शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है। चूक होने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
केंद्रों की व्यवस्था सुधारने पर दिया जोर
मंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बिजली, पानी, शौचालय और किचन की सुविधा उपलब्ध हो। साथ ही, बच्चों का नियमित वजन लेने और ‘पोषण ट्रैकर’ एप पर समय पर डेटा फीडिंग करने के भी सख्त निर्देश दिए गए हैं।
रहें उपस्थित
बैठक में विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंसीलाल राणा, उपनिदेशक विक्रम सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।