उत्तराखंड: प्रभु श्री राम से संबंधित कहानियों को जानेंगे विद्यार्थी, सिलेबस में शामिल होंगे चैप्टर

22 जनवरी का दिन हम सभी देशवासियों के लिए एतिहासिक और गौरव का दिन रहा है। 22 जनवरी को रामलला अपने मंदिर के गर्भगृह में स्थापित हो गए हैं।

‘उत्तराखंड की विरासत’ नाम से एक नया सब्जेक्ट

इसी बीच जरूरी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में शिक्षा विभाग ने अपने पाठ्यक्रम में प्रभु श्री राम के उत्तराखंड संबंधित किस्से एवं कहानियों को सम्मिलित करने की तैयारी शुरू कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तराखंड शिक्षा विभाग के महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षा विभाग ने प्रभु श्री राम के प्राण प्रतिष्ठा पर एक पहल की जिसमें ‘उत्तराखंड की विरासत’ नाम से एक नया सब्जेक्ट उत्तराखंड के CBSE एवं उत्तराखंड बोर्ड के स्कूलों के कक्षा 1 से 12 तक के पाठ्यक्रम में लाया जा रहा है। इस किताब में प्रभु श्री राम के देवभूमि आगमन तथा उनके यहां गुजारे गए वक़्त पर कुछ चैप्टर होंगे। उन्होंने बताया कि प्रभु श्री राम के देवप्रयाग में रघुनाथ मंदिर के बारे में इस किताब में डिटेल में विवरण दिया जाएगा। जो छात्रों के लिए एक अच्छी पहल है।