उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में स्थित विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में तप्तकुंड के प्राकृतिक स्रोत का अध्ययन शुरू हो गया है।
यह अध्ययन शुरू
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के निर्देश के बाद यह अध्ययन शुरू हुआ है। इसके लिए भारतीय रिमोट सेंसिंग संस्थान (आइआइआरएस) के विज्ञानियों की टीम गर्म पानी के मूल स्रोत का अध्ययन करने के लिए बदरीनाथ पहुंच गई है। जिसमें टीम मंदिर के आसपास के पूरे क्षेत्र में जमीन का अध्ययन करेगी। साथ ही उसकी गहराई की वास्तविक परिस्थितियों का अवलोकन भी करेगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक दरअसल बीते अक्टूबर में अलकनंदा नदी के तट पर बदरीनाथ महायोजना के तहत चल रहे रिवर फ्रंट के कार्य रोक दिए गए थे।
अब दोबारा यह कवायद शुरू हुई है।
बदरीनाथ महायोजना के कार्य
📌📌पहले चरण में सड़कों का विस्तार, झीलों के सुंदरीकरण के साथ अंदरुनी रास्ते सिविक एनिमिटी, टूरिस्ट मैनजमेंट सेंटर का निर्माण किया जा चुका है।
📌📌दूसरे चरण में रिवर फ्रंट के कार्य, पुलों का निर्माण, ईवी ट्रेक के निर्माण के साथ चिकित्सालय निर्माण, तीर्थ पुरोहित आवास का निर्माण किया जा रहा है।
📌📌तीसरे चरण में मंदिर के 75 मीटर गोलाकार क्षेत्र में सुंदरीकरण का कार्य होना है।