उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में सरकारी चिकित्सकों ने मांग की है कि टिहरी, अल्मोड़ा, मसूरी, नैनीताल जिला मुख्यालय दुर्गम क्षेत्र घोषित हो।
जिसके बाद प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संघ के डॉक्टरों की मांग पर सरकार टिहरी, अल्मोड़ा, नैनीताल जिला मुख्यालय और मसूरी को एक बार फिर दुर्गम घोषित करने जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस संबंध में स्वास्थ्य महानिदेशालय को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जो इस पर प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इस संबंध मे सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा कि डॉक्टरों की मांग के अनुसार इस संदर्भ में प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं और जल्द ही इस प्रस्ताव को कार्मिक विभाग को भेजा जाएगा।
पत्र में की यह मांग

जिसके बाद यह पत्र महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को इस बाबत दिया गया कि इसमें नर्सिंग अधिकारियों को भी शामिल किया जाए। पत्र में कहा गया है कि टिहरी, अल्मोड़ा, मसूरी आदि क्षेत्रों को दुर्गम क्षेत्र घोषित करने के प्रस्ताव में नर्सिंग अधिकारियों को भी सम्मिलित किया जाए। कहा दिनांकित समाचार पत्रों के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त हुई है कि टिहरी, अल्मोड़ा, नैनीताल जिला मुख्यालय तथा मसूरी को एक बार पुनः दुर्गम क्षेत्र घोषित करने की प्रक्रिया पर कार्य किया जा रहा है, जोकि अत्यंत स्वागत योग्य कदम है।इस विषय में हम आपका ध्यान इस महत्वपूर्ण पक्ष की ओर आकर्षित कराना चाहते हैं कि उपरोक्त सभी क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करने वाले नर्सिंग अधिकारी भी उतनी ही कठिन परिस्थितियों में कार्य कर रहे हैं, जितने अन्य स्वास्थ्यकर्मी व चिकित्सक। परंतु बार-बार यह देखा गया है कि एक ही स्थान पर कार्यरत होने के बावजूद नर्सिंग अधिकारियों के लिए अलग और भेदभावपूर्ण मापदंड अपनाए जाते हैं। जो न केवल नर्सिंग अधिकारियों के मनोबल को आहत करता है, बल्कि सेवा की गुणवत्ता को भी प्रभावित करता है। हमारी मांग है कि उक्त प्रस्ताव में नर्सिंग अधिकारियों को भी समुचित रूप से सम्मिलित किया जाए। जिससे उन्हें भी दुर्गम क्षेत्र सेवा लाभों का पूर्ण अधिकार दिया जाए।
खुला विरोध दर्ज कराने को होंगे बाध्य
साथ ही कहा कि यदि इस विषय में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो भविष्य में नर्सिंग अधिकारी संघ इस अन्यायपूर्ण व्यवस्था के विरुद्ध खुला विरोध दर्ज कराने को बाध्य होगा।