उत्तराखंड: प्रदेश के भुतहा गांव में सुनाई देगी शहनाई और ढोल-दमाऊं की गूंज, वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में होंगे विकसित, जानें सरकार की क्या है तैयारी

उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में राज्य सरकार एक खास पहल के साथ ऐसे गांवों को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने जा रही है, जो आबादी के लिहाज से खाली हो चुके हैं।

पहले चरण में 10 घोस्ट विलेज का चयन

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके तहत पलायन की मार से ‘घोस्ट विलेज’ (भुतहा गांव) बन चुके गांवों में यह पहल होगी। यहा आने वाले समय में शहनाई और ढोल-दमाऊं की गूंज सुनाई देगी। जिसमें पहले चरण में 10 घोस्ट विलेज का चयन किया जाएगा और वहां जरूरी सुविधाएं जुटाई जाएंगी। इसका जिम्मा उत्तराखंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (यूआईडीबी) को दिया है। वर्तमान में करीब 100 घोस्ट विलेज हैं। यूआईडीबी का इन्हीं को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने पर फोकस है। कुछ गांवों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर काम करके संभावनाएं परखी जाएंगी।