उत्तराखंड: प्रदेश में इस बार ‘ठंडा’ रहा ग्रीष्मकाल, सामान्य से 27% अधिक बरसे बदरा, इन दो जिलों में सबसे ज्यादा हुई बारिश


उत्तराखंड: जून का महीना शुरू हो गया है। उत्तराखंड में इस साल का ग्रीष्मकाल (मार्च से मई) उम्मीद के विपरीत काफी ‘ठंडा’ रहा। नियमित अंतराल पर हुई बारिश और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण लोगों को पूरे सीजन में चंद दिन ही चुभती गर्मी का एहसास हुआ।

चंपावत और टिहरी जिलों में सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, तीन महीने के इस सीजन में प्रदेश में औसत वर्षा सामान्य से 27 प्रतिशत अधिक दर्ज की गई है। इसमें चंपावत और टिहरी जिलों में सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। जिसमें मई के महीने में भी प्रदेशभर में बारिश का दौर जारी रहा। पूरे राज्य में मई के दौरान 96.7 मिलीमीटर (मिमी) वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य वर्षा (64.7 मिमी) के मुकाबले 50 प्रतिशत अधिक है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 1 मार्च से 31 मई तक के पूरे ग्रीष्मकालीन सीजन में प्रदेश में कुल 202 मिमी औसत वर्षा हुई, जबकि इस अवधि की सामान्य वर्षा 158 मिमी मानी जाती है।
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​जिलेवार आंकड़ों में अधिकांश जिलों में सामान्य से काफी ज्यादा बारिश हुई है। चंपावत में सबसे ज्यादा 160% अधिक बारिश दर्ज की गई। वहीं अल्मोड़ा, टिहरी, ऊधमसिंह नगर, बागेश्वर और पौड़ी जैसे जिलों में भी सामान्य से 100% से अधिक बारिश हुई।
• जिला, वास्तविक वर्षा, सामान्य वर्षा, अंतर
• चंपावत, 133.4, 51.2, 160
• टिहरी गढ़वाल, 121.5, 50.1, 142
• ऊधमसिंह नगर, 88.2, 37.1, 138
• अल्मोड़ा, 115.4, 50.3, 129
• बागेश्वर, 108.3, 50.3, 115
• पौड़ी गढ़वाल, 71.5, 33.3, 115
• देहरादून, 108.3, 56.9, 90
• हरिद्वार, 42.9, 28.6, 50
• नैनीताल, 108.1, 72.2, 50
• चमोली, 84.1, 64.0, 31
• पिथौरागढ़, 123.3, 113.1, 09
• रुद्रप्रयाग, 113.1, 105.7, 07
• उत्तरकाशी, 73.8, 70.4, 05
• औसत, 96.7, 64.7, 50
• (वर्षा मिलीमीटर में और अंतर प्रतिशत में है।)