उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग के केदारघाटी के आराध्य यक्षराज जाख देवता ने कल अवतरित होकर धधकते अंगारों पर नृत्य किया। इस मौके पर सैकड़ों भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया।
आराध्य जाख देवता के जयकारों से गूंज उठा क्षेत्र
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बीते कल मंगलवार को बैसाख माह की दो गते जाख देवता के पश्वा सच्चिदानंद पुजारी व अन्य देवभक्त वाद्य यंत्रों के साथ नारायणकोटी मंदिर चौक पर पहुंचे। इस मौके पर ग्रामीणों ने देव पश्वा और भक्तों का स्वागत किया। इसके बाद सभी श्रद्धालु कोठेड़ा गांव होते हुए जाख देवता मंदिर पहुंचे। भक्त अपने अराध्य जाख देवता का आह्वान करने लगे। जाख देवता अपने नए पश्वा प्रकाश सिंह राणा पर अवतरित हुए और धधकते अंगारों पर नृत्य करने लगे। इस मौके पर पूरा क्षेत्र आराध्य जाख देवता के जयकारों से गूंज उठा। वहीं शाम पांच बजे पुजारियों ने जाख देवता की भोग मूर्तियों को कंडी में विराजमान किया और देवशाल गांव स्थित विंध्यवासीनी मंदिर में विराजमान किया।
खास है मान्यता
रिपोर्ट्स के मुताबिक धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बताया गया है कि स्वयं भगवान शिव द्वारा इस लिंग को जाखधार में स्थापित करने का आदेश दिया गया था। प्रतिवर्ष यहां बैसाख माह की संक्राति को दो दिवसीय मेला शुरू होता है, जिसमें भगवान यक्षराज अपने पश्वा पर अवतरित होकर अग्निकुंड के धधकते अंगारों पर नृत्य करते हैं।