उत्तराखंड: छोटी सी उम्र और हौंसले बुलंद, यहां देखें उत्तराखंड के युवा प्रधान, जो चलाएंगे गांव की सरकार

उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए दो चरणों में मतदान हुआ। जिसके बाद 31 जुलाई को नतीजे सामने आए हैं। जिसमें छोटी उम्र में युवाओं ने जीत का परचम लहराकर इतिहास रचा है।

युवाओं ने लहराया जीत का परचम

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन चुनावों में गांव के लोगों ने कम उम्र के युवाओं पर भरोसा जताते हुए अपने गांव की कमान सौंपी है।
📌📌चंपावत में शक्तिपुरबुंगा ग्राम पंचायत की नवनिर्वाचित 21 वर्षीय ग्राम प्रधान तनुजा बिष्ट सबसे कम उम्र की ग्राम प्रधान बनी हैं।
📌📌उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के सबसे बड़े गांव सारकोट की नवनिर्वाचित प्रधान प्रियंका नेगी महज 21 वर्ष की हैं। प्रियंका अपने गांव को विकास के साथ ही उत्तराखंड की संस्कृति का आदर्श गांव बनाने का संकल्प लेकर कुछ नया कार्य करने के लिए उत्साहित हैं।
📌📌अल्मोड़ा के महंतगांव में 22 वर्षीय दीपेश हर्बोला ने जीत दर्ज की और ग्राम प्रधान बने। दीपेश का उद्देश्य अपने गांव को एक आदर्श ग्राम पंचायत का दर्जा दिलाना है।
📌📌चमोली के ही दशोली विकास खंड के बणद्वारा गांव में ग्राम प्रधान पद पर 23 साल के नितिन विजयी रहे है। चुनाव में उनके प्रतिद्वंद्वी रविंद्र को उनके समान 138 वोट मिले थे। इसके बाद टॉस से जीते।
📌📌मुनस्यारी की क्विरिजिमिया गांव की 22 वर्षीय ईशा कम उम्र की ग्राम प्रधान बन गई हैं। वह कहती हैं कि प्रधान बनाकर विकास करेगी।
📌📌यूएसनगर में गूलरगोजी की आरती ग्राम प्रधान बनी है। आरती की भी उम्र महज 21 साल है।