आज हम आपको परशुराम जयंती के बारे में यहां जानकारी देंगे। परशुराम जयंती का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। मान्यता है कि भगवान परशुराम, भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं और उनका जन्म त्रेता युग में हुआ था। यह भगवान शिव के परम भक्त माने जाते है। भले ही उनका जन्म ब्राह्मण परिवार में हुआ था लेकिन उनके गुणों से क्षत्रियों की भांति थे। अप्रैल माह में परशुराम जयंती 30 अप्रैल को मनाई जाएगी।
अक्षय तृतीया के दिन हुआ था जन्म
हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल परशुराम जयंती वैशाख मास के शुक्ल पक्ष के तृतीया तिथि को मनाई जाती है। कहा जाता है कि अक्षय तृतीया के दिन ही भगवान विष्णु के अवतार माने जाने वाले भगवान परशुराम का जन्म हुआ था। ऋषि जमदग्नि और माता रेणुका के पांच पुत्रों में से चौथे पुत्र परशुराम थे।
जानें शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, परशुराम जयंती की तिथि 29 अप्रैल को शाम 5 बजकर 31 मिनट से शुरू होगी। वहीं तिथि का समापन 30 अप्रैल को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट होगा। ऐसे में परशुराम जयंती 30 अप्रैल को मनाई जाएगी।