08 अगस्त: हयग्रीव जयंती आज, भगवान विष्णु के हयग्रीव अवतार को समर्पित, मानें जाते हैं ज्ञान, विद्या, और बुद्धि के देवता

आज 08 अगस्त 2025 है। आज हयग्रीव जयंती मनाई जा रही है। भगवान हयग्रीव को ज्ञान, विद्या, और बुद्धि का देवता माना जाता है। यह दिन भगवान विष्णु के हयग्रीव अवतार को समर्पित है, जो ज्ञान और विद्या के देवता माने जाते हैं। श्रावण पूर्णिमा के दिन हयग्रीव जयंती मनाई जाती है। इस बार ये 8 अगस्त 2025 को मनाई जायेगी।

खास है मान्यता

पौराणिक कथाओं के अनुसार, हयग्रीव अवतार ने वेदों को असुरों से बचाया था, जो ज्ञान के अंधकार को दूर करने का प्रतीक है। हिंदू धर्म में भगवान विष्णु के कई रूपों की पूजा होती है, लेकिन हयग्रीव अवतार सबसे रहस्यमयी और शक्तिशाली माने जाते हैं। जब असुरों ने वेदों को चुराकर सृष्टि के ज्ञान को अंधकार में झोंक दिया था‌। तब स्वयं भगवान विष्णु ने घोड़े के मुख वाले रूप में अवतार लेकर न केवल वेदों की रक्षा की बल्कि ब्रह्मांड को फिर से ज्ञान से आलोकित किया। हयग्रीव जयंती , जो सावन मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है। यह केवल एक व्रत या अनुष्ठान नहीं, बल्कि ज्ञान और सत्य की विजय का प्रतीक है। भगवान हयग्रीव को विष्णु के सबसे रहस्यमय और दिव्य अवतारों में गिना जाता है। इन्हें “ज्ञान का भंडार” और “सत्य का रक्षक” कहा जाता है। इनकी पूजा से स्मरण शक्ति बढ़ती है‌। एकाग्रता में वृद्धि होती है और आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति होती है। दक्षिण भारत, खासकर आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु में हयग्रीव की पूजा अत्यंत श्रद्धा से की जाती है।

जानें शुभ मुहूर्त

तिथि: 8 अगस्त, 2025 (श्रावण पूर्णिमा)
पुण्यकाल: प्रातः 07:05 बजे से रात्रि 09:20 बजे तक रहेगा।
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 8 अगस्त, 2025 को दोपहर 02:12 बजे शुरू होगी।
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 9 अगस्त, 2025 को दोपहर 01:24 बजे समाप्त होगी।
हयग्रीव जयंती पूजा मुहूर्त: शाम 04:27 बजे से शाम 07:07 बजे तक रहेगा।
अवधि: 02 घंटे 40 मिनट