उत्तराखंड में बनीं 14 दवाईयां गुणवत्ता जांच में हुई फेल, सीडीएसओ ने जारी किया ड्रग अलर्ट, यह कंपनियां शामिल, देखें नाम

उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में बनी 14 दवाईयां गुणवत्ता जांच में फेल पाई गई है।

ड्रग अलर्ट जारी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें पेन किलर, एंटीबायोटिक सहित 20 से अधिक दवा के सैंपल जांच में नॉट स्टैंडर्ड क्वालिटी पाए गए हैं। देहरादून और हरिद्वार की दवा निर्माण इकाइयों में यह दवाई तैयार हुई है। इन दवाओं में बुखार, डायबिटीज, गैस्ट्रिक अल्सर, एसिडिटी, बैक्टीरियल इंफेक्शन, नसों की कमजोरी और मानसिक रोग में इस्तेमाल होने वाली दवा शामिल हैं। इसे लेकर केंद्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएसओ) ने ड्रग अलर्ट जारी किया है।

संबंधित कंपनियों के उत्पाद लाइसेंस निलंबित

रिपोर्ट्स के मुताबिक मई माह की जांच रिपोर्ट जारी की गई है। रिपोर्ट में देशभर में निर्मित 128 दवाएं गुणवत्ता मानकों पर फेल पाई गईं, जिनमें 14 दवाएं उत्तराखंड में निर्मित हैं। इस संबंध में लाइसेंस निलंबित खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अपर आयुक्त एवं औषधि नियंत्रक ताजबर सिंह ने बताया कि सीडीएसओ की रिपोर्ट मिलते ही संबंधित कंपनियों के उत्पाद लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।

इन कंपनियों की दवाई

रिपोर्ट्स के मुताबिक जिसमें रैनिटिडिन इंजेक्शन – हिमालय मेडिटेक, सेलाकुई देहरादून जेंटामाइसिन इंजेक्शन, एसवीपी लाइफ साइंसेज, सेलाकुई देहरादून जेंटामाइसिन इंजेक्शन, हिमालय मेडिटेक, सेलाकुई देहरादून एल्बेंडाजोल टैबलेट, प्योर एंड क्योर हेल्थकेयर, रानीपुर हरिद्वार अमोक्सिसिलिन, सुकांटिस बायोटेक, बहादराबाद हरिद्वार एस-न्यूरो प्लस, बजाज न्यूट्रास्युटिकल्स, भगवानपुर रुड़की एसेक्लोफेनाक एवं पेरासिटामोल टैबलेट, हेलेक्स हेल्थकेयर, रुड़की अमोक्सिसिलिन कैप्सूल, मलिक लाइफसाइंसेज, हरिद्वार लेवोसेट्रीज़ीन मोंटेलुकास्ट टैबलेट,जैनटिक फार्मास्युटिकल, सेलाकुई डेपाग्लिफ्लोज़िन टैबलेट, हेलेक्स हेल्थकेयर, रुड़की पेरासिटामोल टैबलेट, सर्व फार्मास्युटिकल, हरिद्वार मिटो क्यू-7 सिरप, बायोन थेरेप्यूटिक्स, रुड़की मल्टीविटामिन टैबलेट (अल्फा लिपोइक एसिड आदि), ईस्ट अफ्रीकन ओवरसीज फार्मासिटी, सेलाकुई ओलानज़ापाइन टैबलेट व‌ टैलेंट हेल्थकेयर, हरिद्वार शामिल हैं।