आज 15 जून 2025 है। आज सूर्य मिथुन संक्रांति है। संक्रांति के दौरान सूर्य एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं। इसे संक्रांति के अलावा सूर्य का राशि परिवर्तन भी कहते हैं। इस दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करने का बहुत महत्व है। अगर नदी में स्नान न पाए तो घर में पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं।
मिथुन संक्रांति
मिथुन संक्रांति आज 15 जून 2025 है। इस दिन सूर्य मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। मिथुन बुध की राशि है, बुध को बुद्धि, वाणी, करियर, व्यापार का कारक माना जाता है। वहीं सूर्य आत्मा का कारक है। सूर्य के शुभ प्रभाव से व्यक्ति उच्च पद पाता है, रोग से मुक्ति मिलती है।
यह रहेगा महा पुण्य काल
इस वर्ष मिथुन संक्रांति के दिन 2 घंटे 20 मिनट का महा पुण्य काल रहेगा। यह समय अत्यंत पावन और फलदायी होता है, और इसमें स्नान, दान व जप आदि धार्मिक कार्य करना विशेष फलदायक माना गया है।
पंचांग के अनुसार मिथुन संक्रांति के दिन पुण्यकाल 15 जून को सुबह 6 बजकर 53 मिनट से दोपहर 2 बजकर 19 मिनट पर समाप्त होगा। महापुण्य काल सुबह 6.53 से लेकर सुबह 9 बजकर 12 मिनट तक रहेगा।