अल्मोड़ा से जुड़ी खबर सामने आई है। त्योहार का सीजन है। जिसमें नवरात्रि, करवाचौथ, दीवाली आदि त्योहारों की धूम पर ऑनलाइन और बाजारों में भी काफी रौनक बढ़ रही है।
इसी के साथ स्वरोजगार से महिलाएं भी नये आयाम स्थापित कर रहीं हैं। आज हम बात कर रहे हैं मल्ला चीनाखान निवासी गीता जोशी की। जिन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओ मे सफ़लता नहीं मिलने के बाद भी अपना होंसला कम होने नहीं दिया। वो आज अपना स्वरोजगार के साथ अपनी कुमाऊँनी संस्कृति को भी आगे बढ़ा रहीं है।
अब तक पूरे भारत में भेजा यह सामान
गीता जोशी ने बताया कि उन्होंने अपना स्वरोजगार करने की सोची। उसके लिये उन्होंने सोशल मीडिया का सहारा लिया। जिसमें अपने ऐपण के बारे मे वह लोगों को बताएं। इसके लिए उन्होंने इंस्टाग्राम मे apan-art_11 और यूट्यूब में geet vlog and aepan art नाम से चैनल बनाया, ताकि लोग उन से सीधे जुड़ सके। गीता जोशी ने बताया कि इस साल वह करवाचौथ के लगभग 50 से अधिक सेट पूरे भारत मे भेज चुकी है। इसी प्रकार नवरात्रि मे पूजा की थाली, माता की चौकी,माता का श्रृंगार ,मंदिर व गाड़ियों के तोरण बेच चुकी है, अब दिपावली के लिये पुजा की थाली, माला ,माता की मूर्ति, दीए आदि के ऑर्डर मिले है। इसके अलावा विदेशों से भी ऐपण,तांबे के लोटे ,चौख और कुमाऊँनी पीछोडा का ऑर्डर मिला है।
संस्कृति को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास
गीता जोशी ने बताया कि वह शादी के ऐपण(कलश,घङा,धुलीअर्रग के बर्तन ,चौख, सगाई के गिफ्ट),तोरण, नेम प्लेट, पूजा के बर्तन आदि बनाते है ।
गीता जोशी कहती है कि वो अपने साथ और महिलाओ को भी जोड़ना चाहती है ताकि वो भी आत्म निर्भर बन सके और अपनी संस्कृति को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुचा सके।