01 दिसंबर: आज है विश्व एड्स दिवस, जानें इतिहास, बचाव व संकेत के लक्षण

आज 01 दिसंबर 2025 है। आज विश्व एड्स दिवस है। 1988 से हर साल 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है। यह जागरूकता बढ़ाने, शिक्षित करने और वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में एचआईवी के बारे में समझ विकसित करने के प्रति समर्पित दिवस है। 

एड्स का इतिहास

अमेरिका में न्यूयॉर्क तथा कैलिफोर्निया में 1981 में जब न्यूमोसिस्टिस न्यूमोनिया, कपोसी सार्कोमा तथा चमड़ी रोग जैसी असाधारण बीमारी का इलाज करा रहे पांच समलैंगिक युवकों में एड्स के लक्षण पहली बार मिले थे। देखते ही देखते यह बीमारी तेजी से दुनिया भर में फैलने लगी तो हंगामा मच गया था। चूंकि जिस समय उन मरीजों में एड्स के लक्षण देखे गए थे, वे सभी समलैंगिक थे इसलिए उस समय इस बीमारी को समलैंगिकों की ही कोई गंभीर बीमारी मानकर इसे ‘गे रिलेटेड इम्यून डेफिशिएंसी’ (ग्रिड) नाम दिया गया था।

संकेत एवं लक्षण

📌📌एचआईवी के लक्षण संक्रमण के स्तर के आधार पर भिन्न होते हैंI प्रारंभिक संक्रमण के बाद पहले कुछ हफ़्तों में व्यक्ति को किसी तरह के लक्षणों का अनुभव नहीं होता है या बुखार, सिरदर्द, दाने या गले में ख़राश सहित इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण महसूस हो सकते है।
📌📌संक्रमण बढ़ने पर किसी व्यक्ति में अन्य संकेत एवं लक्षण जैसे कि लिम्फ नोड्स में सूजन, वज़न में कमी, बुखार, दस्त और खांसी हो सकती है।
📌📌उपचार के बिना उनमें गंभीर रोगों जैसे कि तपेदिक, मेनिन्जाइटिस, गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण और कैंसर विकसित हो सकता हैं।

बचाव या इलाज

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चिकित्सक के मुताबिक हाई रिस्क वाले मरीज या एचआईवी के लक्षण हैं उन्हें तुरंत एआरटी सेंटर जाना चाहिए, जो हर अस्पताल में मौजूद होता है। एचआईवी का वायरस शरीर में पहुंच कर सीधे CD-4 कोशिकाओं पर हमला करता है और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है। इसलिए अगर सही समय पर इलाज न किया जाए तो मरीज की स्थिति बिगड़ने लगती है। एड्स के लिए जागरूकता सबसे बेहतर रोकथाम है। एचआईवी संक्रमण का कोई उपचार नहीं है। हालांकि, प्रभावी एंटीरिट्रोवाइरल (एआरवी) दवाएं वायरस को नियंत्रित करती हैं तथा वायरस फैलने में मदद करती हैं। एंटीरेट्रोवाइरल (एआरवी) थेरेपी के माध्यम से एचआईवी से पीड़ित लोग और पर्याप्त ज़ोखिम वाले लोग स्वस्थ, दीर्घ और रचनात्मक जीवन का आनंद ले सकते हैं।

एचआईवी से बचाव के सामान्य उपाय

📌📌प्रोटेक्टेड शारीरिक संबंध हो। कंडोम का प्रयोग करें, मल्टीपल पार्टनर नहीं होने चाहिए।
📌📌अगर कोई गर्भवती मॉं एचआईवी से संक्रमित है तो उन्हें डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और जरूरी दवाओं का सेवन करना चाहिए बच्चा इस वायरस से सुरक्षित रहे।
📌📌इसके अलावा एंटी नेटल क्लिनिक में एचआईवी की जांच कराएं
📌📌संक्रमण रहित खून ही चढ़ाएं
📌📌साफ और संक्रमण रहित सुई या सिरिंज का प्रयोग करें।

कैसे नहीं फैलता एचआईवी

📌📌गले मिलने, हाथ मिलाने, तौलिया साझा करने, खाना बांटने या एचआईवी-पॉजिटिव पीड़ित के साथ खाना खाने से यह नहीं फैलता है।
📌📌मच्छरों, टिक या अन्य रक्त-चूसने वाले कीटों से एचआईवी नहीं फैलता है।
📌📌सावधानी अपनाकर एचआईवी के संक्रमण से बचा जा सकता है। इसके लिए सबसे जरूरी जागरूकता है।