उत्तराखंड: स्कूली बच्चे जानेंगे सिलक्यारा सुरंग हादसे में रैट माइनर्स की जांबाजी की कहानी समेत प्राकृतिक आपदाओं से बचाव और प्रबंधन की जानकारी, जानें

उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में अब स्कूलों में विद्यार्थी पढ़ाई के साथ प्राकृतिक आपदाओं से बचाव और प्रबंधन भी सीखेंगे

यह घटनाएं शामिल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके लिए शिक्षा विभाग ने पहली बार 9वीं और 10वीं क्लास के लिए आपदा प्रबंधन की बुक तैयार की है। यह पुस्तक प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लागू हो गई है। इस किताब के माध्यम से स्कूली छात्र केदारनाथ और मालपा जैसी आपदाओं में बचने के उपाय जानेंगे। साथ ही, सिलक्यारा सुरंग हादसे में रैट माइनर्स की जांबाजी से भी छात्र रूबरू होंगे। इसके अलावा किताब में भूकंप, बाढ़, भूस्खलन जैसी आपदाओं से बचाव के तरीके, आपातकालीन राहत कार्यों की जानकारी दी गई है। इसमें 1991 के उत्तरकाशी भूकंप, 1998 में पिथौरागढ़ के मालपा में भूस्खलन (219 लोगों की मृत्यु हुई), 2013 की केदारनाथ त्रासदी (5,000 से अधिक लोगों की जान गई), 1999 के चमोली भूकंप (100 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई), बूढ़ाकेदार आपदा और रैंणी (चमोली) हिमस्खलन जैसी घटनाओं को भी शामिल किया गया है।