उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में फार्मा दवाओं की अवैध रूप से तस्करी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
टीम का एक्शन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक साथ ही एनसीबी ने 20 करोड़ रुपये मूल्य की 5 लाख से ज्यादा ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम गोलियां भी जब्त की है। साथ ही पांच लोगों को गिरफ्तार भी किया है। यह लोग उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी में ट्रामाडोल और एलप्राजोलम जैसी नशे की दवाएं अवैध रूप से सप्लाई कर रहे थे।
जांच जारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस संबंध में एजेंसी ने रविवार को बयान जारी किया। जिसमें कहा कि ये जब्ती और गिरफ्तारियां मई में शुरू हुए 3 अभियानों के तहत हुईं। रिपोर्ट्स के मुताबिक 12 मई 2025 को देहरादून के विकासनगर स्थित एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारा गया, जहां से 594 ट्रामाडोल टैबलेट्स बरामद की गईं और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान सिंडिकेट का बड़ा नेटवर्क सामने आया, जिसके बाद देहरादून में ही एक सप्लायर और एक पेडलर को भी पकड़ा गया। जांच में खुलासा हुआ कि दो फर्जी मेडिकल फर्में – एम/एस एसएम इंटरप्राइजेज (मुजफ्फरनगर) और एम/एस बालाजी (बरेली) – के नाम पर इन दवाओं की अवैध सप्लाई हो रही है। वहीं NCB की टीम ने इनपुट्स के आधार पर एक किराए के गोदाम पर छापा मारा, जहां से 474,480 ट्रामाडोल टैबलेट्स और 24,000 एलप्राजोलम टैबलेट्स बरामद की गईं। 25 जुलाई 2025 को सहारनपुर के गगालहेड़ी इलाके से उपेंद्र पाल नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 954 ट्रामाडोल और 720 एलप्राजोलम टैबलेट्स बरामद की गईं। 1 अगस्त को उत्तराखंड के जसपुर इलाके में एक संदिग्ध को रोका गया। चेकिंग के दौरान एक Swift Dzire कार से भी 25,600 टैबलेट्स पकड़ी गईं. इसके अलावा सहारनपुर में एक व्यक्ति के पास से भी सैकड़ों टैबलेट्स बरामद की गईं। फिलहाल एनसीबी इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है। एनसीबी ने कहा, इस गिरोह में नकली थोक विक्रेता और दवा बिक्री लाइसेंस का दुरुपयोग शामिल था। नेटवर्क के पीछे के मास्टरमाइंड की पहचान और उसे पकड़ने के लिए जांच जारी है।