04 सितंबर: भुवनेश्वरी जयंती आज, दस महाविद्याओं की देवी मां भुवनेश्वरी को समर्पित, जानें मां का स्वरूप

आज 04 सितंबर 2025 है। आज भुवनेश्वरी जयंती है। भाद्रपद शुक्ल द्वादशी के दिन भुवनेश्वरी जयंती मनाई जाती है।‌ इस दिन दस महाविद्याओं की देवी मां भुवनेश्वरी की पूजा की जाती है। साथ ही विशेष कार्य में सिद्धि पाने के लिए मां भुवनेश्वरी के निमित्त व्रत रखा जाता है। तंत्र सीखने वाले साधक भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मां भुवनेश्वरी की विशेष साधना करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि मां भुवनेश्वरी के शरणागत रहने वाले साधकों के जीवन में हमेशा मंगल होता है। देवी भुवनेश्वरी को भुवनेश्वर रुद्र की शक्ति के रूप में वर्णित किया गया है। भुवनेश्वरी देवी को प्रकृति की माता माना जाता है, जो सभी प्रकृति की देखभाल करती हैं।

मां भक्तों की करती है रक्षा

हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद शुक्ल द्वादशी के दिन भुवनेश्वरी जयंती मनाई जाती है। देवी भुवनेश्वरी दस महाविद्याओं में से चतुर्थ महाविद्या हैं। मां भुवनेश्वरी शक्ति का आधार है तथा प्राणियों का पोषण करने वाली है। भुवनेश्वरी देवी का एक मुख, 3 आंखें और चार हाथ हैं। जिसमें से दो हाथ वरद मुद्रा और अंकुश मुद्रा में भक्तों की रक्षा करते हैं और आशीर्वाद देते हैं, जबकि अन्य दो हाथ पाश मुद्रा और अभय मुद्रा में दुष्टों के संहार को दर्शाते हैं। माता भुवनेश्वरी का वर्ण श्यामल है, उन्होंने चंद्रमा को मुकुट के रूप में धारण किया है। इस तरह देवी भुवनेश्वरी अपने भक्तों को अभयदान देने वाली और आसुरी शक्तियों का विनाश करने वाली मानी जाती हैं।

जानें शुभ मुहूर्त

भुवनेश्वरी जयंती 04 सितंबर 2025, गुरुवार को मनाई जायेगी।
द्वादशी तिथि प्रारम्भ – सितम्बर 04, 2025 को सुबह 04:21 बजे शुरू।
द्वादशी तिथि समाप्त – सितम्बर 05, 2025 को सुबह 04:08 बजे।