देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं।ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा ‘वर्ल्ड हैपिनेस रिपोर्ट-2026’ जारी की गई है।
जारी की यह रिपोर्ट
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसने दुनिया भर में युवाओं की मानसिक स्थिति और डिजिटल आदतों को लेकर एक चिंताजनक तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनेट मीडिया (सोशल मीडिया) के बेतहाशा इस्तेमाल के कारण युवाओं की खुशहाली में भारी गिरावट आई है, जिसका सबसे बुरा असर पश्चिमी देशों की किशोरियों पर देखा गया है।
फिनलैंड फिर नंबर-1, भारत की स्थिति में मामूली सुधार
खुशहाली के मामले में फिनलैंड ने लगातार नौवें वर्ष अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा है। 147 देशों की इस वैश्विक सूची में भारत 116वें स्थान पर रहा। हालांकि पिछले वर्ष भारत 118वें स्थान पर था, जिससे इस बार की रैंकिंग में थोड़ा सुधार दर्ज किया गया है।
सोशल मीडिया और मानसिक स्वास्थ्य
रिपोर्ट में इंटरनेट मीडिया और किशोरियों की खुशहाली के बीच एक गहरा नकारात्मक संबंध पाया गया है:
• अत्यधिक उपयोग का खतरा: 15 वर्ष की वे किशोरियां जो प्रतिदिन 5 घंटे से अधिक सोशल मीडिया पर बिताती हैं, उनके जीवन की संतुष्टि में भारी कमी आई है।
• संतुलन ही समाधान: शोध के अनुसार, सबसे खुश वे युवा हैं जो प्रतिदिन एक घंटे से कम इंटरनेट मीडिया का उपयोग करते हैं। दिलचस्प बात यह है कि यह स्तर उन लोगों से भी बेहतर है जो सोशल मीडिया का बिल्कुल उपयोग नहीं करते।
• औसत उपयोग: वर्तमान में किशोर औसतन प्रतिदिन 2.5 घंटे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बिता रहे हैं।
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अंग्रेजी भाषी देशों में यह बड़ी गिरावट
रिपोर्ट का एक चौंकाने वाला पहलू यह है कि शीर्ष 10 की सूची में लगातार दूसरे वर्ष कोई भी अंग्रेजी भाषी देश जगह नहीं बना पाया है।
• अमेरिका 23वें, कनाडा 25वें और ब्रिटेन 29वें स्थान पर खिसक गए हैं।
• कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों में 25 वर्ष से कम आयु के युवाओं के जीवन स्तर में पिछले दशक में काफी गिरावट आई है, जिसका मुख्य कारण घंटों ‘स्क्रॉलिंग’ करना माना जा रहा है।
खुशहाली के पैमाने: रिपोर्ट के आंकड़े
शीर्ष 5 खुशहाल देश:
• फिनलैंड
• आइसलैंड
• डेनमार्क
• कोस्टारिका
• स्वीडन
5 सबसे दुखी देश:
• अफगानिस्तान
• सिएरा लियोन
• मलावी
• जिंबाब्वे
• बोत्सवाना
मूल्यांकन के 6 मुख्य मानक: > प्रति व्यक्ति जीडीपी, स्वस्थ जीवन प्रत्याशा, सामाजिक सहयोग, जीवन के निर्णय लेने की स्वतंत्रता, उदारता और भ्रष्टाचार की धारणा।