उत्तराखंड: उत्तराखंड में ‘जल जीवन मिशन 2.0’ को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राज्य सरकार और केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के बीच एक अहम समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
MOU पर हस्ताक्षर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से शिरकत की और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मिशन राज्य के करीब 14 लाख ग्रामीण परिवारों के स्वास्थ्य और सुविधा से जुड़ा है। उत्तराखंड में अब तक लगभग 16,500 योजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और आपदा संवेदनशीलता के बावजूद राज्य सरकार डिजिटल मॉनिटरिंग और ग्लेशियर रिसर्च सेंटर जैसे माध्यमों से जल संरक्षण पर काम कर रही है। राज्य में पारंपरिक जल स्रोतों (नौले-धारे) के पुनरुद्धार के लिए ‘स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी’ (SARA) का गठन किया गया है, जिसके तहत 6,500 से अधिक जल स्रोतों को उपचारित किया गया है।
रहें उपस्थित
केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने उत्तराखंड सरकार के प्रयासों, विशेषकर जल शक्ति अभियान के तहत 1,000 गांवों में तालाबों के पुनर्जीवन कार्य की सराहना की और केंद्र से हर संभव सहायता का भरोसा दिया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री वी. सोमन्ना सहित जल शक्ति मंत्रालय और उत्तराखंड शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
जल जीवन मिशन 2.0: उत्तराखंड सरकार और केंद्र के बीच MOU पर हस्ताक्षर, इतने लाख परिवारों को मिलेगा ‘शुद्ध जल’