उत्तराखंड: आस्था की अनूठी मिसाल: दिव्यांग दीप्ति ने 44 लाख बार लिखा ‘राम’ नाम, मंदिर के लिए दान किए इतने हजार

उत्तराखंड: ईश्वर की भक्ति के लिए किसी विशेष सांसारिक योग्यता की नहीं, बल्कि एक सच्चे और साफ मन की आवश्यकता होती है। इस बात को सच कर दिखाया है देहरादून के तपोवन एन्क्लेव की रहने वाली दिव्यांग दीप्ति सिंह ने।

अटूट आस्था

मानसिक रूप से पूरी तरह विकसित न होने के बावजूद, दीप्ति ने भगवान श्रीराम के प्रति अपनी अनन्य आस्था से एक अलग पहचान बनाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दीप्ति अब तक 44 लाख बार ‘राम’ नाम लिख चुकी हैं। साथ ही उन्होंने अपने घर में हुई कथा से मिले ₹35,000 के पूरे चढ़ावे को भी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (अयोध्या) को समर्पित करने का संकल्प लिया है। दीप्ति की इस साधना के आंकड़े बेहद प्रभावित करने वाले हैं।
• कुल भरी गई कापियां: 400
• ​प्रति कापी लेखन: हर एक कापी में 11 हजार बार ‘राम’ नाम अंकित है।
•  ​महा-योगदान: उनके हाथों से अब तक कुल 44 लाख बार ‘राम’ नाम लिखा जा चुका है।


​400 कापियों में अटूट साधना

​दीप्ति का अधिकांश समय टीवी या अन्य मनोरंजन में नहीं, बल्कि ‘राम’ नाम के लेखन और पूजा-पाठ में बीतता है। हाल ही में दीप्ति के घर पर एक कथा और भजन संध्या का आयोजन किया गया था, जहां श्रद्धालुओं द्वारा करीब 35 हजार रुपये की धनराशि चढ़ावे के रूप में आई थी। दीप्ति ने परिवार से आग्रह किया कि यह पूरी राशि राम मंदिर निर्माण के लिए अयोध्या ट्रस्ट को भेजी जाए।