उत्तराखंड: उत्तराखंड में मानव-पशु संघर्ष को कम करने और खतरनाक कुत्तों के सुरक्षित प्रबंधन के लिए शहरी विकास विभाग एक बड़ी पहल की तैयारी में है।
यहां होगा स्थापित
इसके तहत राज्य का पहला स्थायी श्वान पुनर्वास एवं संरक्षण केंद्र (डॉग पाउंड) हरिद्वार के सराय क्षेत्र में स्थापित किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि हरिद्वार में पहला डॉग पाउंड सफल होने के बाद उत्तराखंड के अन्य निकायों में भी इसी तर्ज पर पाउंड स्थापित किए जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों और पशु कल्याण मानकों के अनुरूप तैयार किए जा रहे इस केंद्र में शुरुआती चरण में 100 हिंसक व विशेष देखभाल वाले कुत्तों को आजीवन आश्रय दिया जाएगा। इसमें केवल ऐसे कुत्तों को रखा जाएगा, जिन्हें उनके हिंसक स्वभाव के कारण वापस आबादी क्षेत्र में भेजना सुरक्षित नहीं है। सामान्य और स्वस्थ आवारा कुत्तों को यहां नहीं रखा जाएगा। उनके लिए पशु जन्म नियंत्रण (ABC) कार्यक्रम के तहत नसबंदी और एंटी-रेबीज टीकाकरण के बाद उन्हें उसी इलाके में वापस छोड़ दिया जाएगा, जहां से उन्हें लाया गया था। हालांकि, यदि डॉग पाउंड में लंबे समय तक रहने के बाद किसी कुत्ते के व्यवहार में सुधार आता है, तो विशेषज्ञों की समिति की सिफारिश पर उसे वापस भेजा जा सकेगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा परिसर
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस संबंध में शहरी विकास विभाग के निदेशक विनोद गिरी गोस्वामी ने बताया कि डॉग पाउंड को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। परिसर में हवादार और सुरक्षित केनल, बड़े खुले व्यायाम क्षेत्र, सर्वसुविधायुक्त पशु चिकित्सालय, ऑपरेशन थिएटर, आइसोलेशन वार्ड और रिकवरी यूनिट बनाई जा रही है। कुत्तों की देखभाल के लिए पौष्टिक भोजन, दवाइयों, प्रशिक्षित पशु चिकित्सकों, पैरावेट और डॉग हैंडलरों की तैनाती की जाएगी। सुरक्षा के लिहाज से हिंसक कुत्तों के लिए अलग बाड़े, मजबूत फेंसिंग, डबल-गेट एंट्री सिस्टम और 24 घंटे निगरानी (सीसीटीवी) की व्यवस्था रहेगी, जिससे जानवरों और कर्मचारियों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।