उत्तराखंड: मिलावट और जमाखोरी पर सरकार का कड़ा एक्शन, सभी जिलों में चलाया जा रहा 1 सप्ताह का विशेष अभियान

उत्तराखंड: उत्तराखंड में खाद्य पदार्थों में मिलावट और कालाबाजारी को रोकने के लिए उत्तराखंड सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं।

विभाग की छापेमारी

इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश भर में एक सप्ताह का विशेष जांच अभियान शुरू किया गया है। जिसकी पूरी व्यवस्था पर नजर रखने और निगरानी की जिम्मेदारी सभी मंडलायुक्तों को सौंपी गई है। जानकारी के अनुसार इस अभियान के तहत जिला प्रशासन, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीमें लगातार प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर नमूनों की जांच कर रही हैं। दूषित और एक्सपायरी सामग्री को मौके पर ही नष्ट कराया जा रहा है। इसके साथ ही चीनी की जमाखोरी और घरेलू गैस सिलेंडरों के कमर्शियल इस्तेमाल पर भी सख्त निगरानी रखी जा रही है।

सभी जिलों में चलाया जा रहा अभियान

• ​देहरादून: हालिया कार्रवाई में 11 सैंपल लिए गए। वहीं, अगस्त माह की शुरुआत से अब तक 70 प्रतिष्ठानों की जांच में 48 नमूने भरे गए और 11 दुकानदारों को चालान/नोटिस जारी किए गए।
• ​हरिद्वार: 47 दुकानों के निरीक्षण के दौरान 27 नमूने लिए गए और 10 व्यवसायियों को नोटिस दिया गया।
• ​नैनीताल: 10 प्रतिष्ठानों की जांच में 6 सैंपल लिए गए और 10 किलो घटिया/मानकविहीन मिठाई नष्ट कराई गई।
• ​चंपावत व रुद्रप्रयाग: चंपावत में 21 स्थानों की जांच कर 10 नमूने लैब भेजे गए, जबकि रुद्रप्रयाग में 12 दुकानों से 6 सैंपल लेकर एक्सपायरी खाद्य सामग्री को नष्ट किया गया।
• ​अन्य जिले: पौड़ी से 10, टिहरी से 6, उत्तरकाशी से 4, चमोली व बागेश्वर से 3-3 तथा अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ से 2-2 खाद्य नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजे गए हैं।