उत्तराखंड: अनूठा प्रयोग: धूम्रपान की लत छुड़ाएगी ‘हर्बल दंडिका’, 15 औषधियों से तैयार की स्टिक, अब तक इतने लोगों ने कराया पंजीकरण, शुरू की नई ज़िंदगी

उत्तराखंड: धूम्रपान और तंबाकू की लत से परेशान लोगों के लिए ऋषिकुल राजकीय स्नातकोत्तर आयुर्वेदिक कॉलेज, हरिद्वार ने एक अभिनव पहल शुरू की है।

मुक्त ‘हर्बल दंडिका’ तैयार

जिसमें कॉलेज के अगद तंत्र विभाग ने निकोटीन और तंबाकू से पूरी तरह मुक्त ‘हर्बल दंडिका’ तैयार की है, जो धूम्रपान की मनोवैज्ञानिक तलब को कम कर इस जानलेवा लत को छुड़ाने में बेहद मददगार साबित हो रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बताया है कि उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों और आयुर्वेदाचार्यों ने प्राचीन आयुर्वेदिक सिद्धांतों के आधार पर यह हर्बल स्मोक स्टिक तैयार की है। इसके लिए खास तौर पर राजस्थान से तेंदू पत्ता मंगवाया जाता है। तंबाकू और निकोटीन के स्थान पर इसमें शल्लकी, लाक्षा, मुलेठी (मधुयष्टि) सहित 15 प्रमुख आयुर्वेदिक औषधियां भरी जाती हैं। एक हर्बल दंडिका बनाने में महज 7 से 8 रुपये का खर्च आ रहा है, लेकिन फिलहाल ओपीडी में आने वाले मरीजों को यह नि:शुल्क दी जा रही है। अब तक 17 लोग धूम्रपान छोड़ने के लिए अपना पंजीकरण करा चुके हैं।

करवा रहें पंजीकरण

​इस संबंध में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. भावना मित्तल ने बताया कि जो लोग धूम्रपान छोड़ना चाहते हैं लेकिन तलब पर नियंत्रण नहीं रख पाते, उनके लिए यह हर्बल दंडिका एक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प है। वहीं शोधार्थी डॉ. प्रगति नेगी ने बताया कि ‘शमन धूम्रपान’ पर आधारित इस शोध को वैज्ञानिक मान्यता देने के लिए भारत सरकार की क्लिनिकल ट्रायल्स रजिस्ट्री (CTRI) में पंजीकृत कराया गया है। पिछले डेढ़ महीने से ओपीडी में चल रहे परीक्षणों के शुरुआती परिणाम बेहद उत्साहजनक रहे हैं।