हरिद्वार: उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के ऋषिकुल परिसर में आज ‘राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस’ धूमधाम से मनाया गया।इस कार्यक्रम में आयुर्वेद के महत्व, स्वस्थ जीवनशैली और भारतीय चिकित्सा पद्धति की उपयोगिता पर विस्तृत चर्चा हुई।
समारोह का आयोजन
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के आयुष मंत्री मदन कौशिक रहे। समारोह का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की वाहवाही लूटी। वक्ताओं ने आयुर्वेद की प्राचीन परंपरा और वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि आयुष मंत्री मदन कौशिक ने अपने संबोधन में कहा कि आयुर्वेद भारतीय ज्ञान और चिकित्सा परंपरा की अनमोल धरोहर है। उन्होंने आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता बताते हुए विद्यार्थियों से इसके वैज्ञानिक पक्ष को समझने और अनुसंधान व नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने का आह्वान किया। उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अरुण कुमार त्रिपाठी ने कहा कि आयुर्वेद दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि समाज को स्वास्थ्य संरक्षण और संतुलित जीवनशैली के प्रति जागरूक करने का माध्यम है। ऋषिकुल परिसर की निदेशक प्रो. ओ. पी. सिंह ने कहा कि आयुर्वेद को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाना समय की मांग है। इस दौरान उन्होंने आयुष मंत्री के समक्ष पीजी और प्रशिक्षु छात्रों के स्टाइपेंड तथा शिक्षकों की पदोन्नति से जुड़ी मांगें भी प्रमुखता से रखीं।
किया सम्मानित
राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में छात्र-छात्राओं के लिए पोस्टर, पौष्टिक आहार, रील निर्माण और रंगोली जैसी विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
रहें उपस्थित
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल, कुंभ मेला अधिकारी डॉ. मनीष दत्त, प्रो. खेमचंद शर्मा, प्रो. अजय गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. रूबी रानी अग्रवाल, प्रो. सीमा जोशी, प्रो. विशाल वर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, चिकित्सक, अधिकारी, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।