सीडीएस बिपिन रावत और उनकी पत्नी शुक्रवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। अंतिम संस्कार दिल्ली छावनी में बरार स्क्वायर अंत्येष्टि स्थल पर हुआ। तिरंगे में लिपटे ताबूत में रखे जनरल रावत के अवशेषों को जैसे ही फूलों से सजी तोपगाड़ी में गाड़ी रखा गया, लोगों ने फूलों की पंखुड़ियों की बौछार की और ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम’ और ‘जनरल रावत अमर रहें’ जैसे नारे लगाए। सभी ने नम आंखों से भारत माता के वीर सपूत को विदाई दी।
17 तोपों की सलामी
सीडीएस जनरल बिपिन रावत का पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उन्हें 17 तोपों की सलामी दी गई। सीडीएस बिपिन रावत अपनी पत्नी मधुलिका रावत के साथ एक ही चिता में पंचतत्व में विलीन हुए। उनकी बेटियां कृतिका और तारिणी ने मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में उमड़े लोगों के हुजूम ने ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम’ और ‘जनरल रावत अमर रहें’ जैसे नारे लगाए। जनरल रावत की अंतिम यात्रा यहां उनके आधिकारिक आवास से शुरू हुई। रास्ते में हजारों लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।