अल्मोड़ा: जिला पंचायतीराज अधिकारी राजेंद्र सिंह गुंज्याल ने बताया कि जनपद अल्मोड़ा में वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम एवं जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विकास खंड स्तर पर एक दिवसीय वनाग्नि प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम
जिसमें प्रशिक्षक गजेंद्र पाठक द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा । उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सभी विकास खंडों में चरणबद्ध रूप से आयोजित किया जाएगा, जिसमें ग्राम पंचायत स्तर पर वनाग्नि नियंत्रण समितियों के सदस्य, ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी, राजस्व उपनिरीक्षक सहित अन्य संबंधित कार्मिक प्रतिभाग करेंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को वनाग्नि की रोकथाम, नियंत्रण के उपाय, सामुदायिक सहभागिता तथा आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण के उपरांत प्रत्येक विकास खंड में चयनित ग्राम पंचायतों में वनाग्नि चौपाल का आयोजन भी किया जाएगा, जिसके माध्यम से ग्रामीणों को सीधे तौर पर जागरूक करते हुए वनाग्नि की रोकथाम में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा।
दी यह जानकारी
जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रातः 11:00 बजे से संबंधित विकास खंड सभागारों में आयोजित किया जाएगा, जबकि सायंकाल 06:00 बजे से 08:00 बजे के मध्य ग्राम पंचायत स्तर पर वनाग्नि चौपाल आयोजित की जाएंगी।जनपद के 11 विकास खंडों में आयोजित होने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 1532 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन 27 अप्रैल 2026 से प्रारंभ होकर 15 मई 2026 तक विभिन्न विकास खंडों में निर्धारित तिथियों के अनुसार किया जाएगा।
अल्मोड़ा: वनाग्नि की रोकथाम के लिए विकास खंड स्तर पर शुरू होगा महा-प्रशिक्षण अभियान