अल्मोड़ा: अल्मोड़ा जिले में स्टाम्प शुल्क चोरी करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। अपर जिलाधिकारी (एडीएम) न्यायालय में विचाराधीन स्टाम्प शुल्क की कमी से जुड़े 18 मामलों का त्वरित निस्तारण करते हुए एडीएम युक्ता मिश्र ने दोषियों पर कुल 24.33 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना (शास्ति) लगाया है।
की सुनवाई
जिसमें न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनवाई का पूरा मौका देने के बाद नियमानुसार यह सख्त निर्णय पारित किया है। मिली जानकारी के अनुसार, इन सभी 18 मामलों में जमीनों की खरीद-फरोख्त (विक्रय विलेख) के दौरान गड़बड़ी की गई थी। रजिस्ट्री के समय भूमि, उस पर स्थित मकान या अन्य संरचनाओं, वृक्षों और भूमि की वास्तविक प्रकृति व उसके उपयोग से जुड़े सही तथ्यों को छिपाकर गलत जानकारियां दी गई थीं। इसका मुख्य उद्देश्य स्टाम्प एवं निबंधन शुल्क कम देकर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाना था। न्यायालय में सुनवाई के दौरान स्टाम्प शुल्क की कमी पाए जाने पर भारतीय स्टाम्प अधिनियम के प्रावधानों के तहत यह बड़ी कार्रवाई की गई है।
1.5% प्रतिमाह की दर से लगेगा ब्याज
न्यायालय द्वारा किए गए फैसले के तहत पक्षकारों से सिर्फ कम जमा किया गया स्टाम्प शुल्क ही नहीं वसूला जाएगा, बल्कि उन पर वैधानिक अर्थदंड भी लगाया गया है। इसके साथ ही, रजिस्ट्री की तारीख से लेकर आदेश होने की तिथि तक की अवधि के लिए नियमानुसार 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से जुर्माना भी अधिरोपित किया गया है। एडीएम कोर्ट द्वारा निस्तारित इन मामलों में कुल 24,33,990 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस कार्रवाई के बाद अब तक 8,32,853 रुपये की धनराशि सरकारी खजाने (राजकोष) में जमा कराई जा चुकी है। शेष बचे मामलों के पक्षकारों को विभाग द्वारा नोटिस जारी कर जल्द से जल्द रकम जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय के भीतर बकाया धनराशि जमा नहीं की गई, तो इसकी वसूली भू-राजस्व के बकाए (आरसी) की भांति की जाएगी, जिसके तहत संपत्ति की कुर्की तक की जा सकती है। जिस पर युक्ता मिश्र, अपर जिलाधिकारी, अल्मोड़ा ने कहा कि स्टाम्प शुल्क की चोरी रोकने और सरकारी राजस्व के हितों की सुरक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। भविष्य में भी ऐसे मामलों को पकड़ने और दोषियों के खिलाफ इसी तरह की प्रभावी व सख्त कानूनी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।