अल्मोड़ा: जिले को ‘कूड़ेदान मुक्त’ बनाने की मुहिम: पांडेखोला से हटा सार्वजनिक कूड़ेदान, डोर-टू-डोर कलेक्शन पर जोर

अल्मोड़ा: अल्मोड़ा नगर निगम को पूरी तरह से कूड़ेदान मुक्त बनाने और स्वच्छता व्यवस्था को नया रूप देने की दिशा में निगम प्रशासन ने सोमवार को एक और बड़ी कार्रवाई की है।

की यह कार्यवाही

जिस पर नगर निगम महापौर अजय वर्मा और नगर आयुक्त सीमा विश्वकर्मा के निर्देशों पर पांडेखोला स्थित सीएमओ (CMO) कार्यालय के पास शिव मंदिर के ऊपर लगे सार्वजनिक कूड़ेदान को हटा दिया गया है। नगर निगम प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, शहर में ‘डोर-टू-डोर’ (घर-घर) कचरा संग्रहण व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावी बनाने के लिए सार्वजनिक कूड़ेदानों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जा रहा है। वहीं नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि इस मुहिम का उद्देश्य आम जनता को अपने घरों में ही गीला और सूखा कचरा अलग-अलग (कचरा पृथकीकरण) करने के लिए प्रेरित करना है। सार्वजनिक स्थानों से कूड़ेदान हटने से वहां गंदगी और आवारा पशुओं का जमावड़ा बंद होगा, जिससे पर्यावरण और जनस्वास्थ्य में सुधार आएगा।

​रहे मौजूद

​कूड़ेदान हटाने की इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने खुद मोर्चा संभाला। मौके पर क्षेत्रीय पार्षद ज्योति साह, पार्षद अमित साह ‘मोनू’, सहायक नगर आयुक्त लक्ष्मण सिंह भंडारी और अमीन बसंत बल्लभ पांडे मौजूद रहे।
​स्थानीय निवासियों ने दिया सहयोग का भरोसा

​इस मौके पर पांडेखोला के नागरिकों ने नगर निगम की इस स्वच्छता पहल का स्वागत किया। स्थानीय लोगों ने भरोसा दिलाया कि वे खुले में कूड़ा फेंकने के बजाय नगर निगम की डोर-टू-डोर कचरा गाड़ियों को ही कूड़ा देंगे। इस अवसर पर मोहन चंद्र पांडेय, अतुल पांडेय, पीयूष पांडेय, विनय पांडेय, दीवान सिंह सुपयाल, अशोक तिवारी, अनिल पंत, नवीन चंद्र बेलवाल, उमेश चंद्र पांडे, हरीश चंद्र बिष्ट, बंटी कोरंगा और त्रिभुवन पांडे सहित कई स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
​जनसहभागिता बेहद जरूरी

​नगर निगम के अधिकारियों ने साफ किया है कि आने वाले दिनों में शहर के अन्य वार्डों से भी सार्वजनिक कूड़ेदानों को हटाकर उन क्षेत्रों को “कूड़ेदान मुक्त क्षेत्र” के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि एक स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल अल्मोड़ा का निर्माण केवल जनता की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है।