अल्मोड़ा: CJM कोर्ट ने सुनाया फैसला, निर्माणाधीन इमारत से गिरे मिस्त्री की मौत पर बीमा कंपनी परिजनों को देगी 10 लाख का मुआवजा

​अल्मोड़ा: अल्मोड़ा में भवन निर्माण कार्य के दौरान तीसरी मंजिल से गिरकर जान गंवाने वाले श्रमिक के परिजनों को अदालत से बड़ी राहत मिली है।

अदालत ने दी राहत

मिली जानकारी के अनुसार कर्मचारी प्रतिकर आयुक्त एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) मोहम्मद याकूब की अदालत ने मामले में सुनवाई करते हुए पीड़ित परिवार के पक्ष में फैसला सुनाया है। जिस पर अदालत ने बीमा कंपनी को मृतक के आश्रितों को 10 लाख रुपये का मुआवजा भुगतान करने के आदेश दिए हैं।
​जानें पूरा मामला

​परिवादी के अधिवक्ता विनोद फुलारा ने बताया कि घटना जून 2023 की है। शारदा देवी के पति रामनरेश निषाद शोभन सिंह जीना (एसएसजे) अल्मोड़ा परिसर में कुशल मिस्त्री के रूप में कार्य करते थे। जून 2023 में परिसर की निर्माणाधीन इमारत की तीसरी मंजिल से शटरिंग उतारते समय वह असंतुलित होकर नीचे गिर गए थे। गंभीर हालत में उन्हें बेस अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। घर के एकमात्र कमाने वाले सदस्य की असमय मौत से परिवार के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया था, जिसके बाद परिजनों ने मुआवजे के लिए याचिका दायर की थी।

​अदालत का आदेश

​अदालत में सुनवाई के दौरान विपक्षी निर्माण कंपनी ने स्वीकार किया कि मृतक रामनरेश उनके अधीन कार्यरत था और उसका बीमा आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी से कराया गया था। सभी साक्ष्यों पर विचार करने के बाद सीजेएम मोहम्मद याकूब की अदालत ने आदेश दिया कि बीमा कंपनी को एक माह के भीतर 10 लाख रुपये की मुआवजा राशि पीड़ित परिवार को देनी होगी। निर्धारित समय सीमा में भुगतान न करने पर कंपनी को 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। जिसमें मुआवजे की राशि का बंटवारा तय करते हुए आदेश दिया कि कुल 10 लाख रुपये में से 7 लाख रुपये मृतक की पत्नी शारदा देवी को दिए जाएंगे। इसके अलावा शेष राशि में से उनके तीन नाबालिग बच्चों (शिवानी, प्रिंस और कृष्णा) को 1-1 लाख रुपये दिए जाएंगे